कानपुर, जेएनएन। हिस्ट्रीशीटर को भगाने के बाद फरार आरोपित धीरू शर्मा के करीबी वाहन चोर रोहित के तार हिस्ट्रीशीटर से भी जुड़े हैं। हिस्ट्रीशीटर का रौब देखकर वह भी उसी के पदचिह्नों पर आगे बढ़ना चाहता था। इसको लेकर वह अपनी तैयारियां तेजी से कर रहा था। उसने मनोज सिंह से अलग अपना गैंग बनाना शुरू कर दिया था।

ये है पूरा मामला: बर्थडे पार्टी में शामिल होने आए बर्रा के इनामी हिस्ट्रीशीटर मनोज सिंह को पुलिस ने पकड़ा था। मामले की जानकारी होने के बाद भाजपा नेता रहे नारायण सिंह भदौरिया ने समर्थकों के साथ पुलिस संग हाथापाई करके आरोपित हिस्ट्रीशीटर को छुड़ा लिया था। जिसके बाद पुलिस ने नारायण और उनके समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने नारायण, उसके साथी गोपाल शरण, राकी यादव समेत पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया था। जिसमें तीन आरोपितों की जमानत हो चुकी है। जबकि धीरू शर्मा, बाबा ठाकुर, आदित्य समेत अन्य आरोपित फरार चल रहे हैं। धीरू और बाबा समेत अन्य आरोपितों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने करीबियों की धरपकड़ शुरू की थी। पुलिस ने दो वाहन चोरों आर्यन और रोहित वर्मा को उठाया था। उनके मोबाइल में धीरू शर्मा से बातचीत की रिकार्डिंग मिली थी। जिसके बाद पुलिस ने सख्ती के साथ पूछताछ शुरू की थी। 

जांच में सामने आई यह बात: छानबीन में सामने आया कि रोहित की मुलाकात धीरू ने मनोज सिंह से कराई थी। जिसके बाद काफी समय तक वह मनोज के साथ काम करता रहा। इधर उसने अपना अलग गिरोह तैयार कर रहा था। मनोज से उसकी दूरियां नहीं थीं, लेकिन वह मनोज के ट्रैक पर चलकर आगे बढ़ना चाहता था। थाना प्रभारी हरमीत सिंह ने बताया कि आरोपित के कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं। गिरोह के अन्य सदस्यों की भी धर पकड़ की जाएगी।

Edited By: Shaswat Gupta