कानपुर, जेएनएन। महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए अब प्रदेश में बड़ी तैयारी की जा रही है। जिले भर में पिंक चौकी की तर्ज पर थानेवार पिंक बूथ खोले जाएंगे और ग्र्रामीण स्कूल-कॉलेजों में भी शिकायत पेटियां लगवाई जाएंगी। जहां महिलाएं बेखौफ होकर शिकायत कर सकेंगी। साथ ही यूपी 112 की पीआरवी (पुलिस रेस्पांस व्हीकल) में से 10 फीसद में दो-दो महिला सिपाही तैनात की जाएंगी, जो पीडि़ता के फोन करने पर तत्काल पहुंचेंगी और उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाएंगी।

हैदराबाद और उन्नाव की घटना ने छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर शासन-प्रशासन को सोचने पर मजबूर कर दिया है। डीजीपी ने वूमेन पॉवर लाइन 1090 की एडीजी से वार्ता के बाद प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष पुलिसिंग की व्यवस्था शुरू कराने की तैयारी की है। एसएसपी अनंत देव ने बताया कि पिछले साल किदवई नगर में पिंक चौकी की शुरुआत के बाद सैकड़ों शोहदों व मनचलों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पिंक चौकी पुलिस ने कई लोगों को जेल की सलाखों में भी भेजा। वहीं कई घरेलू मामले भी निपटाए।

अब सभी थाना क्षेत्रों में पिंक बूथ स्थापित करने की तैयारी है। थानों में महिला सिपाही व पर्याप्त दारोगा हैं। उन्हें जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इसके साथ ही पीआरवी को स्कूल से छुïट्टी होने के बाद छात्राओं के घरों के रास्तों पर भी गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायत करने वाली सभी महिलाओं की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। 10 फीसद पीआरवी में महिलाएं होंगी जो स्कूल-कॉलेजों व भीड़भाड़ वाले इलाकों में पिंक पेट्रोलिंग करेंगी। ग्र्रामीण क्षेत्रों में जागरुकता फैलाने के लिए प्रधानों की भी मदद ली जाएगी।

स्कॉर्ट करेगी पुरुष सिपाहियों की पीआरवी

सुनसान या अंधेरे रास्ते पर अगर कोई महिला 112 नंबर पर फोन करके मदद मांगेगी तो वहां पहुंचने वाली पीआरवी उसे स्कॉर्ट करके सुरक्षित घर पहुंचाने में मदद करेगी। जरूरत पडऩे पर महिला पीआरवी व थाने की पुलिस को भी बुलाया जा सकता है।

Posted By: Abhishek

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