जागरण संवाददाता, कानपुर : एलएलआर (हैलट), अपर इंडिया शुगर एक्सचेंज जच्चा-बच्चा अस्पताल और बाल रोग चिकित्सालय का शुक्रवार दोहपर जागरण टीम ने जायजा लिया। जगह-जगह गंदगी फैली थी। परिसर में सूअर और कुत्ते घूम रहे थे।

सबसे पहले टीम ने हैलट के वार्डो का हाल देखा। अस्पताल के वार्डो में सफाई थी। नेत्र रोग के ऑपरेशन थियेटर के बाहर इलेक्ट्रिक पैनल के पास गंदगी और पान की पीक थी। वार्ड 15 के बाहर खुले परिसर में मरीज एवं उनके स्वजनों के साथ कुत्ते भी धूप सेंक रहे थे। उसके ठीक सामने गलियारे में टूटे एवं क्षतिग्रस्त बेड व गद्दे व्यवस्था की पोल खोल रहे थे।

गंदा पानी संग पशुओं की भरमार

हैलट के जच्चा-बच्चा अस्पताल के पीछे वाले गेट पर सूअर व कुत्ते घूम रहे थे। नालियों में गंदगी एवं सीवर भराव था। दुर्गध से खड़ा रहना दूभर था। लेबर रूम के सामने रखे कूड़ेदान की सफाई नहीं हुई थी। वाटर कूलर और वाटर प्यूरीफायर खराब था। अस्पताल में मरीजों के लिए साफ पानी का इंतजाम नहीं था।

मेडिकल कचरा बना मुसीबत

बाल रोग चिकित्सालय में दोपहर 1.39 बजे तक कूड़ा नहीं उठा था। हीमोफीलिया सेंटर में लगे नल का पानी अस्पताल में बह रहा था। इमरजेंसी के बगल में सीढि़यों के सामने कूड़े का ढेर लगा था। शौचालय की खिड़कियां व दरवाजे टूटे टूटे थे। सिक एंड न्यू बार्न केयर यूनिट के बाहर मेडिकल कचरा एवं गंदे सर्जिकल ग्लब्स पड़े थे।

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हैलट, जच्चा-बच्चा और बाल रोग चिकित्सालय के सीएमओ से स्पष्टीकरण तलब करेंगे। उन्हें अवकाश के दिन भी अस्पतालों का राउंड लेने का निर्देश है।

- प्रो. आरके मौर्या, प्रमुख अधीक्षक।

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