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जागरण संवाददाता, कानपुर : परिवहन विभाग ने दो दिन पहले परमिट की फीस बढ़ाई है। अस्थाई, स्थाई, नवीकरण और प्रतिहस्ताक्षरित परमिट के लिए अतिरिक्त राशि देनी होगी। यह व्यवस्था 27 फरवरी से प्रभावी हो गई है, लेकिन सॉफ्टवेयर में अब तक नहीं चढ़ सकी है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय (आरटीओ) ने सात दिन के लिए परमिट फीस लेने की मनाही कर दी है। ऐसे में टेंपो, ऑटो, बाइक टैक्सी, मैक्सी कैब, बसों के परमिट के लिए वाहन स्वामियों को चक्कर काटने पड़ रहे हैं। हालांकि परिवहन अधिकारियों का कहना है कि पुरानी फीस ली जा रही है। जितना बढ़ी है, उसे मैनुअली जोड़कर लिया जा रहा है।

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कितनी बढ़ी परमिट फीस (मोटर कैब)

प्रयोजन पहले अब

आवेदन 500 600

एक संभाग 1000 2000

उप्र के लिए 2000 3000

तीन राज्यों के लिए 2000 3000

भारत के लिए 3200 5000

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कितनी बढ़ी परमिट फीस (ट्रक व बस)

प्रयोजन पहले अब

आवेदन 1000 1200

बस 6000 7500

ट्रक 6000 7500

ठेका गाड़ी 7500 9000

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पांच साल में देनी होती फीस

परिवहन अधिकारियों के मुताबिक बस, ट्रक, ऑटो-टेंपो को पांच साल के लिए परमिट फीस जमा करनी होती है। उसे समय पर न देने पर अतिरिक्त कर लग जाता है।

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एक दिन में जमा होती फीस

ट्रक- 10 से 15

बस- 10 से 12

ऑटो- 30 से 35

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वाहन स्वामियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो रही है। उनसे पुरानी फीस जमा कराई जा रही है। जितनी बढ़ गई है, उसे अलग से लिया जा रहा है।

- आदित्य त्रिपाठी, एआरटीओ प्रशासन

Posted By: Jagran

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