कानपुर, जेएनएन। प्रशासनिक अफसरों और जिम्मेदारों की अनदेखी से शहर में भूमाफिया का राज हो गया है, गंगा कटरी की जमीन हो या फिर राजा ययाति का किला सभी जमीनों पर कब्जा करने का सिलसिला जारी है। बस्ती में पुराने तालाब के नाम-ओ-निशां तक मिट गए हैं। मसवानपुर के मामा तालाब का अस्तित्व ही मिट गया है तो अब कल्याणपुर खुर्द के एक पुराने तालाब पर कब्जे का प्रयास शुरू हुआ है। कब्जे का विरोध जताते हुए मंगलवार को स्थानीय लोगों ने एसीपी कार्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया और आक्रोश व्यक्त किया। एसीपी ने राजस्व विभाग से संपर्क करने के बाद भूमाफिया पर कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत कराया।

कल्याणपुर खुर्द के एक तालाब पर भू माफिया द्वारा कब्जा किया जा रहा है। एसीपी कार्यालय पहुंचे लोगों ने बताया कि थाना पुलिस के संरक्षण में भूमाफिया खुलेआम सरकारी जमीनों और तालाब की भूमि पर कब्जे कर रहे हैं। कहा, कल्याणपुर खुर्द की आराजी संख्या 53 पर पुराना तालाब है। थाने में सूचीबद्ध भूमाफिया कुछ साथियों के साथ मिलकर इस तालाब में मिट्टी व मलबा डलवाकर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की तो लोग मंगलवार को एसीपी कार्यालय पहुंचे, यहां लोगों ने पुलिस के ढुलमुल रवैया से नाराजगी जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

लोगों का कहना है कि कि भूमाफिया गिरोह पहले भी कल्याणपुर की कई सरकारी जमीनों और तालाबों पर कब्जा कर चुका है। उन जमीनों का ब्योरा पुराने अभिलेखों में दर्ज है। बावजूद इसके पुलिस कार्रवाई नहीं करती हैं। लोगों ने कहा कि तालाब की भूमि का स्वरूप नहीं बदला सकता है, इसके लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने पहले ही मानक तय कर दिए हैं। वहीं सुप्रीम कोर्ट भी तालाबों का अस्तित्व बचाने के लिए आदेश जारी कर चुकी है। ऐसे में तालाब की भूमि पर कब्जा होने पर पुलिस और प्रशासनिक जिम्मेदारों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा है।

मामले की जानकारी कल्याणपुर थाने से लेने के बाद एसीपी दिनेश कुमार शुक्ला ने लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। कल्याणपुर एसीपी दिनेश कुमार शुक्ला ने बताया कि शिकायत के आधार पर राजस्व विभाग से भूमि के संबंध में समस्त अभिलेखों की जांच कराई जाएगी। सरकारी जमीनों व तालाबों पर कब्जे करने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

Edited By: Abhishek Agnihotri