कानपुर, जेएनएन। आक्सीजन उत्पादन के क्षेत्र में कानपुर को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में की गई कवायद परवान चढ़ती नजर आ रही है। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध एलएलआर अस्पताल (हैलट) में मांग के अनुसार 960-960 लीटर प्रति मिनट उत्पादन क्षमता के दो, बाल रोग विभाग में 45 लीटर प्रति मिनट उत्पादन क्षमता का एक प्लांट लगेगा। मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल व कांशीराम अस्पताल में भी प्लांट जल्द ही लगेगा। निजी क्षेत्र में भी दो प्लांट लगेंगे। कोरोना की तीसरी लहर से पहले इन प्लांटों की स्थापना हो जाएगी।

संभावित तीसरी लहर से पहले एलएलआर अस्पताल के इमरजेंसी में 960 लीटर व न्यूरो साइंस वार्ड में 960 लीटर प्रति मिनट उत्पादन क्षमता के प्लांट के लिए बेस बनाने का काम चल रहा है। सीएसआर फंड से एमकेयू इंडस्ट्री ने बाल रोग विभाग को 45 लीटर प्रति मिनट उत्पादन क्षमता का एक प्लांट खरीदकर दिया है। मुरारी लाल चेस्ट हॉस्पिटल में भी 667 लीटर प्रति मिनट उत्पादन क्षमता का प्लांट लगना है। प्रस्ताव शासन से मंजूर हो गया है। उर्सला में 950 लीटर प्रति मिनट उत्पादन क्षमता वाला प्लांट लग गया है, जल्द ही एक और प्लांट लगेगा। कांशीराम अस्पताल में भी 1250 लीटर क्षमता के प्लांट की स्थापना के लिए बेस बनाने का कार्य शुरू हो गया है। प्लांट दो माह में लग जाएगा।

पनकी में लग रहा छह टन उत्पादन क्षमता का प्लांट

पनकी में अशोका इंडस्ट्रीज द्वारा छह टन प्रतिदिन उत्पादन की क्षमता वाला प्लांट लगाया जा रहा है। उद्यमी अशोक ङ्क्षसह का कहना है कि दो से तीन माह में प्लांट में उत्पादन शुरू हो जाएगा। इसी तरह उद्यमी नवीन जैन मलवां स्थित अपनी औद्योगिक इकाई में पांच टन उत्पादन क्षमता का एक प्लांट लगाएंगे।

रोजाना 10 टन आक्सीजन का उत्पादन

कानपुर परेरहाट कंपनी ने चकेरी औद्योगिक क्षेत्र में 10 टन प्रतिदिन आक्सीजन उत्पादन क्षमता वाला प्लांट लगाने के लिए यूपीसीडा से जमीन खरीद ली है। पहले यह प्लांट झांसी में लगना था, लेकिन अब चकेरी में लगेगा।

Edited By: Abhishek Agnihotri