जागरण संवाददाता, कानपुर : एलएलआर अस्पताल में लगभग ढाई माह बाद पहले सोमवार को ओपीडी में जबदस्त भीड़ उमड़ी। बरसात और उमस भरी गर्मी की वजह से संक्रामक बीमारियां पांव पसारने लगी हैं। इस वजह से सोमवार को मेडिसिन, बाल रोग और त्वचा रोग की ओपीडी में क्षमता से कई गुना मरीज पहुंच गए। इस वजह से शारीरिक दूरी का पालन नहीं कराया जा सका।

जीएसवीएम मेडिकल कालेज के एलएलआर अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को सामान्य दिनों में औसत से दोगुनी भीड़ होती है। कोरोना की दूसरी लहर के बाद लगभग ढाई माह बाद पड़े पहले सोमवार को बीमारियों से बेहाल लोग डाक्टरों को दिखाने पहुंच गए। मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. रिचा गिरि न बताया कि वायरस डायरिया, खांसी-जुकाम, पेट की समस्या और बुखार के मरीज अधिक आए। इसके अलावा अनियंत्रित ब्लड प्रेशर व मधुमेह पीड़तों की अच्छी खासी संख्या रही।

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त्वचा रोगियों की बढ़ी भीड़

त्वचा रोग विभागाध्यक्ष डा. डीपी शिवहरे की ओपीडी थी। पसीने की वजह से एलर्जी, खुजली एवं दाद की समस्या के मरीज अधिक थे। ऐसे में भीड़ को नियंत्रित करना मुश्किल हो गया।

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भटक रहे सर्जरी के मरीज

जनरल सर्जरी विभाग के आपरेशन थियेटर माड्यूलर बनाए जा रहे हैं, जिससे वहां आपरेशन नहीं हो रहे हैं। इमरजेंसी में ही काम चलाया जा रहा है। प्लान आपरेशन न होने से मरीजों को दिक्कत हो रही है। बार-बार ओपीडी में आकर डाक्टर से समय पूछते हैं। इसी तरह न्यूरो सर्जरी में भी प्लान आपरेशन नहीं हो रहे हैं। सिर्फ इमरजेंसी केस ही किए जा रहे हैं।

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ओपीडी में सुरक्षा गार्ड लगाए गए हैं, उन्हें शारीरिक दूरी का पालन कराने का निर्देश है। सीएमएस व ओपीडी प्रभारी राउंड लेकर व्यवस्था दुरुस्त कराते रहते हैं।

- डा. ज्योति सक्सेना, प्रमुख अधीक्षक, एलएलआर अस्पताल।

Edited By: Jagran