कानपुर, जागरण संवाददाता। चार दिन शांत रहने के बाद जीका वायरस ने शहर में फिर खलबली मचा दी है। जीका वायरस चकेरी क्षेत्र से शहर के दक्षिण क्षेत्र बर्रा पहुंच गया है। बर्रा पांच निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग में जीका वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई है। जीका का एक और केस मिलने से संक्रमितों की संख्या 140 हो गई है। सीएमओ दावा कर रहे हैं कि जीका के सिर्फ नौ सक्रिय केस ही बचे हैं। वहीं, डेंगू के तीन और नए संक्रमित मिले हैं, जिसमें दो जीएसवीएम मेडिकल कालेज परिसर के हैं, जबकि एक सरसौल के खरौटी गांव का है।  

जीका के सोर्स का पता लगाने में फेल : शहर के परदेवनपुरवा क्षेत्र में एयरफोर्स के अधिकारी में 23 अक्टूबर को जीका वायरस के संक्रमण की पुष्टि हुई थी। यह शहर ही नहीं प्रदेश का पहला जीका का केस था। एक माह से अधिक का समय होने के बाद भी स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी जीका वायरस का सोर्स पता लगाने में नाकामयाब रहे हैं। आंकड़ेबाजी कर शासन को भी गुमराह कर रहे हैं। वहीं, दूसरी तरह जीका वायरस का संक्रमण दूसरे क्षेत्रों में पांव पसारता जा रहा है। दर्शनपुरवा, बांसमंडी  से लेकर बर्रा पांच तक पहुंच गया है। वहीं, जीका की सैंपङ्क्षलग घटा दी है, गुरुवार को महज चार लोगों के ही सैंपल एकत्र किए गए।

जीका के सक्रिय केस अभी 13 : शहर में जीका के सक्रिय केस 13 हैं, जबकि 127 की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है। हालांकि सीएमओ की ओर से जारी रिपोर्ट में जीका के सक्रिय केस नौ दिखाए गए हैं और स्वस्थ हुए मरीजों की संख्या 131 दिखाई गई है। वहीं, पूर्व महामारी वैज्ञानिक डा. देव ङ्क्षसह का कहना है कि जीका वायरस की दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी छह माह तक मरीज दूसरों को संक्रमित कर सकता है। इसलिए छह माह तक संक्रमितों की निगरानी करना जरूरी है। इसमें लापरवाही घातक हो सकती है।

डेंगू के लगातार बढ़ रहे केस: जिले में डेंगू के लगातार केस बढ़ रहे हैं। शहर के मेडिकल कालेज परिसर में दो डेंगू के मरीज और सरसौल में एक मरीज मिला है। डेंगू के मरीजों की संख्या 625 हो गई है। उसमें से ग्रामीण अंचल के 440 एवं शहरी क्षेत्र के 185 हो गए हैं। महकमे का दावा है कि 597 स्वस्थ हो गए और 28 सक्रिय केस हैं। 

इनका ये है कहना: 

जीका वायरस का संक्रमण एक मरीज में मिला है। इसी तरह डेंगू के तीन नए मरीज मिले हैं। सर्विलांस टीमों को सैंपलिंग, कांटेक्ट ट्रेसिंग एवं दवा छिड़काव का निर्देश दिया है। साफ-सफाई और फाङ्क्षगग का कार्य कराया जा रहा है।   - डा. नैपाल सिंह, सीएमओ। 

Edited By: Shaswat Gupta