जागरण संवाददाता, कानपुर : आर्थिक रूप से कमजोर परिवारो के बच्चो को यूं तो तमाम संस्थाएं पढ़ाई मे सहयोग करती है, लेकिन मुफ्त मे सिविल सर्विसेज की परीक्षा के लिए तैयारी कराने वाली संस्थाएं शायद ही मिले। कानपुर मे एक संस्था मुफ्त मे मेधावियों को अफसर बना उनके सपने साकार करने मे मदद कर रही है। पांच वर्ष से मेधावियो को निश्शुल्क कोचिंग दे रही यह टीम अब तक 37 पीसीएस अफसर बना चुकी है। रघुनाथ चैरीटेबल ट्रस्ट, रोटरी क्लब ऑफ सूर्या से जुड़े उद्यमी ओमप्रकाश डालमिया और आरके सफ्फड़ ने आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राओ को आइएएस और पीसीएस अफसर बनाने के लिए 2011 मे सर वी कैन संस्था बनाई। इसका उद्देश्य ऐसे बच्चो को आगे लाना था जिनकी आंखो मे अफसर बनने के सपने हो। आज यह संस्था अपने छठे वर्ष मे चल रही है और 60 मेधावियो का बैच यहां सिविल सर्विसेज की कोचिंग पा रहा है। --------------- कुछ लोगो की मदद से शुरुआत संस्था से जुड़े लोगो के पास हर वर्ष दो-तीन लोग आ ही जाते थे जिनकी कोचिंग की व्यवस्था करनी होती थी। इसे देख निर्णय लिया गया कि सिविल सर्विसेज की परीक्षा के लिए मुफ्त कोचिंग शुरू की जाए, जिसका पूरा खर्च संस्था उठाएगी। ---------------- कई जिलो मे होती प्रवेश परीक्षा संस्था प्रदेश के करीब एक दर्जन जिलो मे प्रवेश परीक्षा कराती है। इसमे कानपुर, कानपुर देहात, कन्नौज, उरई, हमीरपुर, उन्नाव, बांदा, महोबा, इटावा, फैजाबाद मे प्रवेश परीक्षा होती है। प्रवेश परीक्षा से 200 के करीब मेधावी चुने जाते है। साक्षात्कार के जरिए इनमे से 55 से 60 मेधावी कोचिंग के लिए फाइनल किए जाते है। इनसे पूरे वर्ष भर की पढ़ाई का कोई शुल्क नही लिया जाता। जो स्नातक कर चुके हो या स्नातक के आखिरी वर्ष मे हो, वे इस परीक्षा मे शामिल हो सकते है। जुलाई मे यह परीक्षा होती है। पिछली प्रवेश परीक्षा मे 2,750 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। -------------- सात घंटे का समय आर्य नगर चौराहा के पास चलने वाली इस कोचिंग का समय बहुत लंबा है। सुबह नौ बजे शुरू होने वाली कोचिंग शाम चार बजे तक चलती है। --------------- संस्थान की अपनी लाइब्रेरी संस्थान की अपनी लाइब्रेरी है जहां से मेधावी अपनी जरूरत के हिसाब से किताबे लेते है ताकि उनकी पढ़ाई मे कोई समस्या न रहे। ------------- वर्ष मे एक भी दिन की छुट्टी नही कोचिंग मे एक भी दिन की छुट्टी नही रहती है। कोचिंग मे पांच फैकल्टी है। चार फैकल्टी सोमवार से शुक्रवार तक पढ़ाते है। शनिवार और रविवार को इलाहाबाद से आने वाले फैकल्टी बच्चो को पढ़ाते है। ------------ पांच वर्ष मे अब तक 37 युवा पीसीएस की परीक्षा पास कर चुके है। इसके अलावा बड़ी संख्या मे मेधावी बैक, सेना व अन्य क्षेत्र मे नौकरी पा चुके है। संस्था सारा खर्च अपनी तरफ से करती है। - आरके सफ्फड़, संयोजक।