कानपुर,जेएनएन।  इंस्टींट्यूट आफ चार्टर्ड अकाउंटेंट आफ इंडिया के सेंट्रल काउंसिल सदस्य व रीजनल काउंसिल सदस्यों का भाग्य मतपेटियों में बंद हो गया। शहर में मर्चेट चैंबर में सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक 12 घंटे मतदान हुआ लेकिन पिछले चुनाव के मुकाबले 2.85 फीसद वोट कम पड़े। कुल 1831 में से 947 वोट पड़े। मतदान की जिम्मेदारी देख रहे आयकर अधिकारियों ने देर रात मतपेटियां सील कर लखनपुर स्थित सीए भवन के एक कक्ष में सील कर दीं।
चार्टर्ड अकाउंटेंट के चुनाव में शहर से इस बार चार प्रत्याशी होने की वजह से सभी को उम्मीद थी कि पिछली बार से ज्यादा मतदान होगा। पिछले चुनाव में 1565 वोटों में से 854 वोट पड़े थे जो 54.57 फीसद थे। इस बार ज्यादा वोट डलवाने के लिए प्रत्याशियों ने कानपुर के बाहर कार्य कर रहे सदस्यों को भी बुलवाया था। इसके बाद भी उम्मीद से कम वोट पड़े। इससे पहले सुबह से ही मर्चेट चैंबर में वोट डलवाने के लिए खासी गहमागहमी रही। कानपुर में सेंट्रल काउंसिल मेंबर के लिए मनु अग्रवाल, रीजनल काउंसिल मेंबर के लिए अतुल मेहरोत्रा, विशाल खन्ना और अभिषेक पाडेय मैदान में हैं। हालांकि जिन केंद्रों में ढाई हजार से ज्यादा सदस्य हैं, वहां मतदान सात दिसंबर को भी हुआ था लेकिन कानपुर में कम सदस्य होने की वजह से आठ दिसंबर को दूसरे दिन मतदान हुआ।  
तीनों को वोट देने की अपील चली
कानपुर के तमाम चार्टर्ड अकाउंटेंट ने रीजनल सदस्य के लिए तीनों सदस्यों को अपनी-अपनी प्राथमिकता के आधार पर वोट देने की अपील की। ऐसा इसलिए ताकि तीन राउंड की गिनती तक तो सभी प्रत्याशी बने रहें।