उन्नाव, जागरण संवाददाता। बांगरमऊ में हास्पिटल की छत पर पिलर की सरिया पर फंदे से लटकी मिली नर्स की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। 22 दिन बाद सोमवार को उसका शव कब्र से बाहर निकालकर डीएम के आदेश पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान स्वजन ने पोस्टमार्टम के दौरान न बुलाने पर हंगामा भी किया। हालांकि, पुलिस व प्रशासनिक अफसरों ने उन्हें समझाकर शांत कराया। स्वजन ने नर्स की दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाकर अस्पताल संचालक समेत तीन लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया था लेकिन पोस्टमार्टम में लटकने से मौत की पुष्ट के बाद आरोपितों को क्लीन चिट मिल गई थी। 

आसीवन क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती बांगरमऊ के दुल्लापुरवा में संचालित न्यू जीवन हास्पिटल में नर्स थी। 30 अप्रैल को उसका शव अस्पताल की छत पर पिलर की सरिया से लटका मिला था। उसकी मां ने अस्पताल संचालक नूरआलम, चांद आलम व अनिल कुमार के विरुद्ध दुष्कर्म व हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग से मौत की पुष्टि हुई थी, जिससे आरोपितों को क्लीन चिट मिल गई थी। स्वजन ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गड़बड़ी किये जाने का आरोप लगा डीएम रवींद्र कुमार को प्रार्थनापत्र देकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी।

डीएम के निर्देश पर सोमवार को एसडीएम सफीपुर रामसकल मौर्य, सीओ सिटी विक्रमाजीत सिंह, एसओ आसीवन अनुराग सिंह की मौजूदगी में कब्र से शव बाहर निकाला गया। तीन डाक्टरों के पैनल ने वीडियोग्राफी के बीच शव का रि-पोस्टमार्टम किया। वहां मौजूद रहे मृतका के स्वजन ने अधिकारियों पर आराेप लगा हंगामा भी किया। आसीवन पुलिस के अलावा महिला थाना, सदर कोतवाली के अलावा स्वाट भी बुला ली गई। जानकारी पर सिटी मजिस्ट्रेट विजेता व सीओ सिटी आशुतोष कुमार भी पहुंचे और स्वजन को समझाकर शांत कराया और शव को आसीवन भिजवाया।

Edited By: Abhishek Agnihotri