कानपुर (जेएनएन)। जिन कर्मचारियों की किन्हीं कारणों से नौकरी छूट जाती थी और तीन साल तक उनके कर्मचारी भविष्यनिधि संगठन (ईपीएफओ) खाते में अंशदान नहीं जमा हो पाता था उन्हें निष्क्रिय मान ब्याज देना बंद कर दिया जाता था किंतु अब इन खातों पर भी ब्याज देय होगा।

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केंद्रीय श्रम मंत्री बंडारू दत्तात्रेय की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली से बीते माह बातचीत के बाद इस संबंध में निर्णय हो चुका है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस बारे में अधिसूचना जारी हो जाएगी। अधिसूचना जारी होते ही देश भर में निष्क्रिय खातों में पड़े करीब 42 हजार करोड़ रुपये की राशि पर ब्याज मिलने लगेगा। वर्ष 2011 से निष्क्रिय खातों पर ब्याज का भुगतान बंद कर दिया गया था। अब ईपीएफ में लोग जब तक चाहें अपना फंड जमा रख सकेंगे। माना जा रहा है कि लोग ईपीएफ में धन निवेश के लिए भी रखना चाहते हैं क्योंकि यहां पर धन की सर्वाधिक सुरक्षा के साथ आकर्षक ब्याज दर भी है। इस निर्णय से 9.70 करोड़ कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

कानपुर रीजन के प्रभारी क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त मारुति भोई के मुताबिक अब निष्क्रिय खातों पर भी ब्याज का भुगतान दिया जाएगा। संगठन ने माना कि पीएफ में अंशदान करने वालों की भावना निवेश की भी होती है। ब्याज मिलने से उनकी जमा राशि में वृद्धि होती रहेगी। इसी तरह विभाग ने मृत्यु दावों के भुगतान के लिए अधिकतम सात दिन की अवधि तय की है, हालांकि भुगतान तो इससे भी पहले कर दिया जाता है।

सात दिनों में मृत्यु दावा भुगतान

ईपीएफओ खाता धारक की मृत्यु होने पर परिवार को तत्काल भुगतान और पेंशन की आवश्यकता होती है। उनकी इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए अब मृत्यु दावा भुगतान सात दिनों के भीतर करने का नियम बनाया गया है। अभी तक यह अवधि बीस दिन थी। ईपीएफ इम्पलाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश शुक्ला ने बताया कि विभाग ऐसे मामलों में भुगतान तो चार पांच दिनों में ही करने का प्रयास करता है।

Posted By: Nawal Mishra

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