कानपुर, जेएनएन। पांडु नदी बाढ़ आने से बर्रा आठ, पनका बहादुर नगर, मेहरबान सिंह पुरवा समेत कई क्षेत्रों व गांवों में पानी घुस गया है। सड़क, गलियों के साथ ही घरों में पानी भरा हुआ है। बस्तियों में पानी भरने से कई लोगों ने पलायन शुरू कर दिया है।

पांडु नदी में पिछले साल बाढ़ आने के बाद भी प्रशासन, सिंचाई विभाग, केडीए और नगर निगम ने नसीहत नहीं ली। बाढ़ से निपटने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। न्यू ट्रांसपोर्ट नगर योजना के पास बनी नदी से जुड़ी बाउंड्रीवाल और अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसका खामियाजा जनता को फिर भुगतना पड़ रहा है। पिछले साल एक दर्जन से ज्यादा गांवों में पानी भर गया था।

दर्जनों लोगों को शिविरों में शरण लेनी पड़ी थी। पनका बहादुर नगर के रहने वाले वाईएन सिंह, आशीष गुप्ता, रमन अवस्थी, रंजीत सरकार व अमित त्रिपाठी न बताया कि पानी तेजी से बढ़ रहा है। मुन्ना सिंह, श्यामा देवी, रजोल समेत कई लोग परिवार समेत पलायन कर चुके हैं। कहा कि जानवरों को रखना मुश्किल हो गया है पर अभी तक शिविर नहीं खोले गए हैं। पानी भरने के कारण कई लोग ऊपरी मंजिल में रहने लगे हैं। खाने की भी दिक्कत आ रही है पर अभी तक प्रशासन स्तर पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है।

हाईवे को जोडऩे वाला पुल डूबा

शुक्रवार को ही पांडु नदी में जलस्तर बढऩा शुरू हो गया था। इसके चलते आसपास के गांवों व क्षेत्र में पानी घुस गय। पांडु नदी पर बना हाईवे को जोडऩे वाला पुल भी डूब गया।

इन गांवों में बढ़ी दहशत

टिकरा, बछऊपुर, पिपरा, भौती खेड़ा, सुरार, रौतेपुर व पनका बहादुर नगर समेत कई गांवों में पानी भरने स दहशत का माहौल बन गया है। भौंती खेड़ा मार्ग समेत कई बीघा खेत पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं।  

Posted By: Abhishek

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