कानपुर, जेएनएन। ऑनलाइन रिफंड के चलते अब कारोबारियों को भटकना नहीं पड़ेगा। पहले की व्यवस्था में कारोबारियों को केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर और राज्य वस्तु एवं सेवाकर विभाग के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब एक विभाग से पूरा रिफंड लौटाने का काम शुरू हो गया है। बाद में दोनों कार्यालय आपस में समायोजन कर लेंगे।

अभी तक रिफंड के लिए कारोबारी को ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने होते थे। उसकी रसीद को अपलोड किए गए कागजातों के साथ खंड के अधिकारी को देना होता था। इसमें एसजीएसटी का रिफंड वाणिज्य कर विभाग तो सीजीएसटी और इंटीग्र्रेटेड गुड्स एंड सर्विस टैक्स (आइजीएसटी) का रिफंड सीजीएसटी कार्यालय से होता था। एक कार्यालय में किए गए रिफंड आवेदन में उस विभाग के अधिकारी अपना रिफंड तो दे देते थे लेकिन दूसरे विभाग के रिफंड के लिए वहां फाइल भेज देते थे।

इससे पूरा रिफंड पाने के लिए कारोबारी को दोनों विभागों के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब नई स्थितियों में जिस कार्यालय में कारोबारी पंजीकृत होगा वह वहां आवेदन करेगा और वहीं से पूरा रिफंड दिया जाएगा। रिफंड में सबसे बड़ा हिस्सा निर्यातकों का होता है। यह 80 से 90 फीसद तक होता है। इसके बाद इनवर्टेड टैक्स और अपील के जरिए होने वाले रिफंड का हिस्सा है।

राहत मिलने पर ये बोले

-अभी राज्य और केंद्र दोनों के कार्यालयों में जाना पड़ता था। अब एक ही जगह से कारोबारी को रिफंड मिल जाएगा। इससे वह भागदौड़ से बचा रहेगा। -आलोक अग्र्रवाल, अध्यक्ष, आइआइए कानपुर चैप्टर। 

-कई बार एक विभाग से जल्दी रिफंड मिल जाता था तो दूसरी जगह फंस जाता था। इसका नुकसान उद्यमी को उठाना पड़ता था। - संतोष कुमार गुप्ता, टैक्स सलाहकार। 

-रिफंड ऑनलाइन होने की वजह से अब कारोबारियों की भी शिकायतें दूर हो जाएंगी। पारदर्शिता होने की वजह से कोई आरोप भी नहीं लगेगा। -अशफाक अहमद, एडीशनल कमिश्नर, ग्र्रेड वन, जोन वन, वाणिज्य कर विभाग। 

कोषागार नहीं पीएफएमएस से होगा रिफंड

अब कोषागार नहीं पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के जरिए जीएसटी में कारोबारियों को रिफंड दिया जाएगा। यह जानकारी शुक्रवार को वाणिज्य कर विभाग के एडीशनल कमिश्नर ग्र्रेड वन, जोन वन अशफाक अहमद ने विभागीय अधिकारियों को दी। वाणिज्य कर विभाग के सभागार में ऑनलाइन रिफंड मॉड्यूल पर उन्होंने कहा कि ऑनलाइन रिफंड शुरू हो चुका है।

अब व्यापारियों को एसजीएसटी, सीजीएसटी, आइजीएसटी सभी का रिफंड पंजीकृत कार्यालय में मिलेगा। इस मौके पर मास्टर ट्रेनर बृजेश दीपांकर, हरि मिश्रा, जिलाजीत ने उपायुक्त व सहायक आयुक्तों को ऑनलाइन रिफंड का प्रशिक्षण दिया। इस मौके पर संयुक्त आयुक्त केएम मिश्रा, वीपी राम, उपायुक्त चंद्रकांत रल्हन उपस्थित रहे।

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