कानपुर, [राजीव सक्सेना]। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़ी फाइलें अब विभिन्न रिटर्न में असमानता के कारण जारी होने वाली नोटिस से मोटी नहीं होंगी। जीएसटी ने अधिकारियों और व्यापारियों को राहत देते हुए इस मामले में बड़ी ढील दी है। जीएसटी संबंधी विभिन्न रिटर्न, मसलन जीएसटीआर 1, 2ए और 3बी रिटर्न में बीस फीसद तक की असमानता पर नोटिस जारी करने के दायरे से बाहर कर दिया गया है। रिटर्न में बीस फीसद से अधिक असमानता होगी, तभी नोटिस जारी होगी। जीसएटी काउंसिल की संस्तुति पर केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

विक्रेता बिक्री की जानकारी जीएसटीआर 1 में देते हैं। यह क्रेता के जीएसटीआर 2ए में स्वत: दिखती है। जीएसटीआर 1 फाइल करने वाले कारोबारी बिक्री के अनुसार हर माह की 20 तारीख तक 3बी रिटर्न पर पिछले माह का टैक्स जमा करते हैं। चूंकि जीएसटीआर 2ए में संशोधन की सुविधा नहीं है, इसलिए शुरू से ही तीनों रिटर्न में असमानता की समस्या है। इसी असमानता के कारण 3बी रिटर्न में इनपुट टैक्स क्रेडिट (आइटीसी) लेने के दावे पर पूरा भुगतान नहीं हो पाता है। साथ ही, केंद्रीय वस्तु एवं सेवाकर (सीजीएसटी) या राज्य वस्तु एवं सेवाकर (एसजीएसटी) विभाग से नोटिस जारी हो जाती है।

ऐसे में हर व्यापारी के पास हर माह एक नया नोटिस पहुंच रहा है। अधिकारी और व्यापारी दोनों का कहना है कि शायद ही किसी महीने में सभी रिटर्न ठीक तरह से फाइल हुए हों। इन हालात में व्यवस्था की गई कि जीएसटीआर 2ए में दिख रही राशि और 3बी में दिखाई गई राशि में 20 फीसद या इससे कम अंतर है तो नोटिस नहीं भेजी जाएगी। हालांकि असमानता पर जांच चलती रहेगी।

इनका ये है कहना

अच्छा निर्णय है। नोटिस का जवाब देने में काफी समय लग जाता है। मानसिक दबाव भी कम होगा।

-मिथलेश गुप्ता, अध्यक्ष, कानपुर दाल मिलर्स एसोसिएशन।

व्यापारियों को रिटर्न में संशोधन का मौका मिल जाए तो असमानता की समस्या खत्म हो जाएगी। असमानता पर कानपुर में हजारों नोटिस जारी की गई है।

- शिवम ओमर, चार्टर्ड अकाउंटेंट।

इस अधिसूचना से कारोबारियों को लाभ मिलेगा। रिटर्न में असमानता से जो विवाद हो रहे थे, वह अब नहीं होंगे।

-अशफाक अहमद, एडीशनल कमिश्नर, ग्र्रेड वन, जोन वन, वाणिज्य कर विभाग। 

Posted By: Abhishek

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