जागरण संवाददाता, कानपुर : चुनाव जीते तीन माह से ज्यादा हो जाने के बाद भी विकास कार्य न होने से नाराज गैर भाजपा पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। 35 पार्षदों ने बैठक करके चेतावनी दी है कि 19 मार्च तक मांगों का निस्तारण न हुआ तो वह नगर निगम परिसर में धरने में बैठ जाएंगे।

नगर निगम मुख्यालय में हुई बैठक में पार्षदों ने कहा कि एक भी काम क्षेत्र में नहीं हो रहा है। नगर निगम निधि से होने वाले कामों पर रोक लगी है। जनता रोज उनको घेर रही है। दस-दस लाख के काम शुरू होने तो दूर अभी तक टेंडर तक नहीं हुए हैं। वित्तीय वर्ष 2017-18 खत्म हो रहा है। एलईडी लाइट नहीं लग रही है। बिना नए पाइप, कलैम्प, स्विच व तार के पुराने सामान ही लगाए जा रहे हैं। सीवर समस्या विकराल होने के साथ ही गृहकर के बिल कई गुना बढ़ाकर भेजे जा रहे हैं। बैठक में तय हुआ कि पांच-पांच नए हैंडपंप व रीबोर करने को दिए जाएं। हर वार्ड में दस-दस सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएं। प्रत्येक पार्षद को 25 एलईडी व सीवर सफाई को वार्ड में तीन-तीन कर्मचारी दिए जाएं। फैसला लिया गया कि गुरुवार को एक साथ सभी पार्षद महापौर व नगर आयुक्त से मिलेंगे। सुनवाई न होने पर 19 मार्च के बाद पार्षद धरने पर बैठ जाएंगे। सपा पार्षद दल के नेता सुहैल अहमद, पार्षद कमल शुक्ल बेबी, अमोद त्रिपाठी, अर्पित यादव, प्रदीप मिश्र, मो. अमीम, कीर्ति अग्निहोत्री, जरीना खातून, अनुज गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, शरद कुमार, मोहिनी कनौजिया, मो. आमिर, अश्वनी चड्ढा, सुनील कनौजिया आदि थे।

By Jagran