उन्नाव, जेएनएन। दुष्कर्म कांड में भले ही विधायक कुलदीप सिंह सेंगर जेल में है लेकिन उसकी दहशत बरकरार है। विधायक से दुश्मनी के भय से माखी गांव का कोई बाशिंदा पीडि़ता के चाचा की जमानत लेने को तैयार नहीं है। तीन मामलों में अदालत से जमानत मंजूर होने के बाद जमानतगीर नहीं मिल रहे हैं। पीडि़ता की बहन चाचा की जमानत के लिए कभी मौसेरे भाइयों तो कभी अन्य रिश्तेदारों के घर दौड़ रही है।

पीडि़ता के चाचा पर उन्नाव की अलग-अलग अदालतों में कई मामले विचाराधीन हैं। बीते दिनों कोर्ट ने तीन मामलों में उसे जमानत दे दी। इससे परिवारीजन खुशी थी लेकिन गांव का कोई व्यक्ति चाचा की जमानत लेने को तैयार नहीं है। माखी गांव के निवासियों के मुताबिक पीडि़ता के चाचा पर पहले भी कई बार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, तब जमानत हो जाती थी। उसका खुद का आपराधिक इतिहास रहा है और इस बार मामला सीधे विधायक से जुड़ा है इसलिए उसकी जमानत लेकर कौन विधायक से सीधी दुश्मनी लेने का जोखिम उठाएगा।

इन मामलों में मिल चुकी है जमानत

पीडि़ता के चाचा पर माखी थाने में दर्ज झूठा प्रार्थना पत्र देने के मुकदमे में तीन सितंबर को जमानत मंजूर हुई। जानलेवा हमले के मामले में कोर्ट ने 24 सितंबर को जमानत दे दी। इसके अलावा विधायक की सहयोगी शशि सिंह के पति हरिपाल सिंह द्वारा लिखाई गई फर्जी टीसी पेश करने की रिपोर्ट में कोर्ट ने 26 सितंबर को जमानत दी है।

पीडि़ता की बहन कर रही दौड़भाग

पीडि़ता की बड़ी बहन ग्र्रामीणों और रिश्तेदारों से जमानत लेने को संपर्क कर रही है। बताते हैं कि दो मौसेरे भाइयों ने जमानत लेने को हामी भरी तो वह उन्हें लेकर शनिवार को कोर्ट गई थी लेकिन वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने से जमानत दाखिल नहीं हो सकीं। इन जमानत के बाद भी उसे कई और जमानतगीरों की मदद की जरूरत है।

Posted By: Abhishek

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