कानपुर, जेएनएन। कोरोना महामारी के चलते पिछले करीब डेढ़ साल से लगातार नौवीं से लेकर 12वीं तक के छात्र आनलाइन पढ़ाई कर रहे थे। हालांकि, अब सरकार ने कोरोना महामारी की स्थिति बेहतर होते देख, 16 अगस्त से स्कूलों को 50 फीसद क्षमता के साथ खोलने का फैसला किया है। इस मामले में सीएम का निर्देश जारी होते ही सोमवार को स्कूलों में प्रधानाचार्यों ने तैयारियों को लेकर चर्चाएं शुरू कर दीं।

सरकारी स्कूलों में सैनिटाइजेशन का प्रबंध करना, छात्रों के बीच शारीरिक दूरी का पालन कराना और छात्रों को मास्क पहनकर पढ़ाई करा पाना आसान नहीं होगा। इसके लिए जहां स्कूलों में बजट की व्यवस्था नहीं है, वहीं सरकारी स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति नियमित नहीं होती। हालांकि, निजी स्कूलों में व्यवस्थाएं बेहतर हैं और सभी तरह से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

डीपीएस आजाद नगर की प्रधानाचार्य पुनीता कपूर ने बताया कि कक्षाओं में सैनिटाइजेशन का प्रबंध कराया जा चुका है, छात्र मास्क पहनकर नहीं आएंगे तो उन्हें स्कूल से मास्क मुहैया कराया जाएगा। उप्र प्रधानाचार्य परिषद के पूर्व अध्यक्ष डा.गिरीश मिश्रा ने कहा कि 50 फीसद क्षमता के साथ छात्रों को पढ़ाया तो जा सकता है, मगर कई अन्य चुनौतियों से सामना करना होगा। आइसीएसई के सिटी कोआर्डिनेटर केवी विंसेंट ने कहा कि सभी आइसीएसई स्कूलों में भी 16 अगस्त से आफलाइन मोड में पढ़ाई शुरू होगी।

सरकारी में 30, निजी में 90 फीसद अभिभावकों की सहमति

सरकारी स्कूलों में जहां 30 फीसद अभिभावकोंं ने अपने बच्चों को स्कूल भेजने के लिए सहमति दी है, तो वहीं निजी स्कूलों में 90 फीसद अभिभावक चाहते हैं, कि अब बच्चे स्कूल जाएं और वह पिछले सत्रों की तरह पढ़ाई कर सकें।

Edited By: Abhishek Agnihotri