कानपुर, जेएनएन। नवागत एडीजी जयनारायण सिंह ने शुक्रवार को शहर पहुंचकर पदभार ग्रहण कर लिया। इससे पहले गुरुवार को उन्होंने फोन पर दैनिक जागरण से बातचीत में अपनी प्राथमिकताओंके बारे में बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह थ्री 'सी' पुलिसिंग के कांसेप्ट पर काम करते हैं। थ्री 'सीÓ कम्युनिटी पुलिसिंग, क्राइम कंट्रोल और करप्शन का संक्षेप रूप है।

पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार खत्म होने पर होगा अपराध नियंत्रण

उन्होंने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता कम्युनिटी पुलिसिंग है। इसके प्रयोग का ही परिणाम था कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर जहां प्रदेश के लगभग सभी बड़े शहरों में बवाल हुआ, वहीं गोरखरपुर रेंज के जिलों में शांति बनी रही। उन्होंने बताया कि दूसरी प्राथमिकता क्राइम कंट्रोल है। गोरखपुर में वर्ष 2017 में 228 लूट की घटनाएं थी, जो वर्ष 2018 में 163 और वर्ष 2019 में घटकर केवल 61 रह गर्इं। पूरे रेंज में यह आंकड़े 266 से घटकर 93 रह गए हैं। इसी तरह से हत्या, बलवा और चोरी की घटनाएं भी कम हुई हैं। क्राइम कंट्रोल कैसे होगा, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इसके लिए जरूरी है कि पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान न हो। वह जहां भी अब तक पोस्ट रहे हैं वहां पुलिस विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार उनके टारगेट में रहता है। एडीजी ने बताया कि उन्हें गुरुवार को ही आना था, लेकिन कुछ कारणों से गोरखपुर में रुकना पड़ा।

तीसरी बार एक साथ पारी खेलेंगे एडीजी व एसएसपी

एडीजी जयनारायण सिंह और एसएसपी अनंतदेव तीसरी बार एक साथ एक ही स्थान पर तैनात हुए हैं। इससे पहले जब एडीजी एसएसपी नोएडा थे तो एसएसपी अनंत देव उनके एसपी सिटी थे। दूसरी बार जयनारायण सिंह के डीआइजी-एसएसपी मेरठ रहने के दौरान एसएसपी की तैनाती मेरठ में एसपी देहात के रूप में थी।  

Posted By: Abhishek

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