हमीरपुर, जेएनएन। राठ कोतवाली के नदना गांव में ट्यूबवेल पर भतीजे ने अपने चाचा की सिर कुचलकर हत्या के बाद जो बात कही, उसे सनुकर सभी सन्न रह गए। पुलिस ने गांव से आरोपित भतीजे को गिरफ्तार करके मुकदमा दर्ज किया है। उसने कत्ल करने का ट्रायल लेने के लिए चाचा की हत्या करने की बात कही है। फिलहाल पुलिस घटना की छानबीन कर रही है।

रोजाना नलकूप पर सोते थे चाचा

राठ कोतवाली क्षेत्र के नदना गांव निवासी 65 वर्षीय परमेश्वरी दयाल लोधी के पास करीब 4 बीघा खेत हैं, जिसपर वह सब्जी की फसल की पैदावार करके परिवार का भरण पोषण करते थे। उनके दो पुत्रों में एलेंद्र ई-रिक्शा चलाता है और दूसरा प्रदीप बाहर जाकर मजदूरी करता है। एलेंद्र ने बताया कि रोजाना की तरह रविवार शाम को भी पिता ट्यूबवेल पर सोने गए थे। सोमवार की सुबह करीब 6 बजे वह ट्यूबवेल पर खड़ा ई-रिक्शा लेने गया तो रक्तरंजित पिता चारपाई पर मृत पड़े थे। सूचना मिलते ही गांव वालों की भीड़ एकत्र हो गई।

सनकी स्वभाव का है देव सिंह

गांव में हत्या की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने पुत्र एलेंद्र और गांव वालों से पूछताछ शुरू की है। एलेंद्र ने चचेरे भाई देव सिंह पर पिता की हत्या करने का आरोप लगाया। उसने बताया देव को खेत पर जाने से रोका था। पुलिस ने एलेंद्र की तरहरी पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया और तलाशने के बाद आरोपित देव सिंह को गिरफ्तार करके हत्या के बाबत पूछताछ की। गांव वालों ने पुलिस को बताया कि देव सिंह सनकी स्वभाव का है और लोगों को परेशान करता है।

हत्या का नहीं कोई मलाल, ये था ट्रायल

कोतवाल मनोज कुमार ने बताया कि देव सिंह ने हत्या की स्वीकारोक्ति की है और उसने हत्या का कोई मलाल न होने की बात कही है। पूछताछ में देव सिंह ने बताया है कि वह गांव के दो लोगाें की हत्या करना चाहता था। उसके पास हथियार नहीं थे, इसलिए उसने पत्थर से हत्या करने के लिए ट्यूबवेल पर सो रहे चाचा परमेश्वरी पर ट्रायल किया था। रात में वह ट्यूबवेल पर गया था और सो रहे चाचा को पत्थर से बार बार कुचलने से हत्या हो गई। उसे हत्या का कोई मलाल नहीं है। फिलहाल पुलिस हत्या के कारणाें की गहराई से जांच कर रही है।

एक साल पहले भी कर चुका है कुछ अजीब

नदना गांव में चाचा की हत्या में आरोपित युवक देव सिंह पहले भी अजीब हरकत कर चुका है। ग्राम प्रधान पप्पू ने बताया कि करीब एक साल पहले सिर पर तेज लाठी के वार से ब्रजेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गये थे। इलाज के दौरान ब्रजेंद्र कोमा में चले गए और करीब चार माह बाद ब्रेन हेमरेज से उनकी मौत हो गई थी। इसमें देव सिंह द्वारा ब्रजेंद्र को लाठी मारने की बात सामने आई थी, बाद में दोनाें पक्षाें के बीच समझौता हो गया था। प्रधान ने बताया कि देव सिंह अचानक ही किसी पर भी हमला कर देता था, जिससे गांव के लोग उससे डरते थे।

Posted By: Abhishek Agnihotri

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