जागरण संवाददाता, कानपुर: जिन डिग्री कॉलेजों का परिणाम बेहतर नहीं रहता है, उन्हें अब चिंता करने की जरूरत नहीं। नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) उनकी पूरी मदद करेगा। कैसे कॉलेज का शैक्षिक माहौल बेहतर हो, शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका कैसे अच्छा हो। ऐसे कई अन्य बिंदुओं पर नैक की टीम कॉलेज के शिक्षकों से संवाद करेगी।

नैक के निदेशक डॉ. एससी शर्मा ने छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में पत्रकारों से बताया कि नैक की ओर से जल्द प्रदेश के सभी कॉलेजों को जोडऩे की कवायद होगी। इसके लिए सीएसजेएमयू को नोडल सेंटर बनाने पर कुलपति से बात की गई है। उन्होंने कहा कि जिस तरह पंडित दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय कल्पना (सोच) थी कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक का विकास होना चाहिए।

उसी तर्ज पर हर ऐसे महाविद्यालय से नैक की टीम जुड़ेगी, जसका प्रदर्शन बहुत निम्न स्तर का रहता है। उन्होंने बताया कि अधिकांश सेल्फ फाइनेंस कॉलेज ऐसे हैं जहां शिक्षकों की कमी है, इसे दूर किया जाना चाहिए। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए उन्होंने नैक की ओर से बेहतर कार्ययोजना तैयार करने की बात कही।

Posted By: Abhishek