बृजेश दुबे, कानपुर। गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम स्थल तीर्थराज प्रयागराज में आस्था भरी डुबकी आध्यात्मिक स्मृतियों में तो बसेगी है, इस स्मृति को भौतिक रूप से सहेजने के लिए मुंबई टकसाल ने भी अपना योगदान दिया है। कुंभ की यादें हमेशा साथ रहें, इसके लिए टकसाल ने चांदी का स्मृति चिह्न जारी किया है। इस रजत स्मृति चिह्न का अनावरण 24 जनवरी को संभावित है। हालांकि इसे वाराणसी में चल रहे अप्रवासी भारतीय सम्मेलन में अप्रवासी भारतीयों के समक्ष पेश किया जा चुका है।

999 टंच चांदी से बना है सिक्का
कुंभ स्नान 2019 को धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के रूप में प्रचारित कर रही उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों को केंद्र सरकार की तरफ से उपहार मिला है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अधीन काम करने वाली भारतीय प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड (सिक्युरिटी प्रिंटिंग एंड मिंटिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया कारपोरेशन लिमिटेड-एसपीएमसीआइएल) ने कुंभ स्नान स्मृति 2019 के रूप में 40 ग्राम का रजत सिक्का जारी किया है। यह सिक्का 999 टंच चांदी से बना है।

नाव के साथ घाट व मंदिर का मनोरम दृश्य
सिक्के के एक पहलू पर कुंभ स्नान का स्मृति चिह्न और दूसरे पर गंगा की लहरों में अठखेलियां करती नाव के साथ घाट व मंदिर का मनोरम दृश्य उकेरा गया है। यह सिक्का बाजार में प्रचलन में नहीं रहेगा। इस स्मृति चिह्न को एसपीएमसीआइएल से ऑनलाइन बुकिंग से भी खरीदा जा सकता है। इसके लिए प्रीमियम दर निर्धारित की गई है। यह स्मृति चिह्न खूबसूरत नक्काशी दार बॉक्स की पैकिंग में दिया जा रहा है।
किन्नर अखाड़ा ने भी जारी किया स्मृति चिह्न
माना जाता है मंगलामुखी यानी किन्नर अपनी खुशी से किसी को कुछ भी देते हैं तो व्यक्ति खुशहाल होता है। इसे ध्यान में रखकर किन्नर अखाड़ा ने अपने स्मृति चिह्न के रूप में भी सिक्का जारी किया है। यह सिक्का अखाड़े में आने वाले हर श्रद्धालु को सिक्का भेंट स्वरूप दिया जा रहा है। कुंभ में प्रयागराज गए स्मारक सिक्कों के संग्राहक और बीकानेर निवासी सुधीर लुणावत बताते हैं, ऐसे सिक्के पहली बार जारी हुए हैं।

Posted By: Abhishek

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