जागरण संवाददाता, कानपुर : बीते 40 दिन से मां इंदू की सुरेंद्र से बात नहीं हुई थी। वह अपनी ममता को यह दिलासा देकर दिन काट रही थीं कि बेटा जहां है, जैसा भी है, खुश तो है लेकिन बीते चार दिन चार जन्मों से ज्यादा लंबे हो गए। बेटे की आवाज सुनने की आस में वह एक पल भी अस्पताल से नहीं हिलीं। आइसीयू के बाहर भगवान से दिन रात प्रार्थना करती रहीं कि बेटा आख खोले और मा कहकर गले लगा ले पर होनी को कुछ और ही मंजूर था।

आइपीएस सुरेंद्र दास की अर्थी उठी तो मा इंदू गश खाकर गिर पड़ीं। बहनों ने संभाला तो फफककर रो पड़ीं। बहनों ने बताया कि हर मा का सपना होता है कि बेटा देश की सर्वोच्च सेवा में जाए। अपनी इच्छाओं व ख्वाबों को मारकर एक-एक पैसा जोड़कर उन्होंने सुरेंद्र को यहां तक पहुंचाया था। भाई की मौत से नरेंद्र भी टूट गए वहीं भाभी का भी रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी डॉ.रवीना भी सदमे में है। रोते हुए बार-बार यही कहती रहीं कि मेरा तो सब कुछ चला गया।

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मुख्यमंत्री व डीजीपी ने भी जताया शोक

घटना की जानकारी पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डीजीपी ओपी सिंह ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। ट्विटर पर सुरेंद्र को श्रद्धाजलि अर्पित की और परिजन के लिए संवेदना जताई वहीं स्थानीय अधिकारी व सुरेंद्र के करीबी रो पड़े।

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शहीद स्मारक पर दी गई श्रद्धांजलि

पुलिस लाइन स्थित शहीद स्मारक पर सुरेंद्र को श्रद्धांजलि व अंतिम विदाई दी गई। कैबिनेट मंत्री सतीश महाना, भाजपा जिलाध्यक्ष (उत्तर) सुरेंद्र मैथानी के साथ एडीजी, मंडलायुक्त, डीएम, एसएसपी, सभी एएसपी, सुरेंद्र के बैचमेट अफसरों, क्षेत्राधिकारियों, थानेदारों व अधीनस्थ कर्मचारियों ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए। परिवार के सदस्य पुष्पांजलि अर्पित करते समय फफक कर रो पड़े।

Posted By: Jagran

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