जागरण संवाददाता, कानपुर : ई-वे बिल के चक्कर में पकड़े गए दूसरे प्रांतों से माल लेकर आ रहे 20 से अधिक ट्रक छोड़े जाएंगे। ट्रांसपोर्ट व्यवसाइयों से बातचीत के बाद वाणिज्यकर विभाग से इस पर सहमति बन गई। वाणिज्यकर अधिकारियों से बातचीत के आधार पर ट्रांसपोर्टरों ने दावा किया कि 6 फरवरी से पहले माल लेकर चले ट्रकों को प्रदेश में नहीं रोका जाएगा।

मंगलवार को यूपी मोटर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के निवर्तमान अध्यक्ष सतीश गांधी की अगुआई में व्यवसायी वाणिज्य कर कार्यालय पहुंचे। यहीं पर व्यवसाइयों ने कपड़ा व्यापारियों को भी बुला लिया। सहायक वाणिज्य कर अधिकारी आरके श्रीवास्तव से व्यवसाइयों की वार्ता हुई। व्यवसाइयों ने कहा कि जब ई-वे बिल 9 फरवरी की मध्यरात्रि से लागू हुआ है तो इससे पहले माल लेकर चले ट्रकों को क्यों रोका जा रहा है। ट्रांसपोर्टरों के मुताबिक बातचीत के बाद सहमति बनी कि 6 फरवरी से जो भी ट्रक माल लेकर चले और रास्ते में पकड़े गए हैं, उन्हें छोड़ा जाएगा। उसके बाद ट्रकों को छोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया। एसोसिएशन के महामंत्री मनीष कटारिया ने बताया कि सूरत, मुंबई, भीलवाड़ा, दिल्ली से आए 20 से अधिक ट्रक माल लेकर पकड़े गए थे, जिन्हें छोड़ा जाएगा। बब्लू, सुभाष मलिक, यतीश सिंह, एबी त्रिपाठी, गुलशन छाबड़ा, महिपाल यादव एवं आशु गांधी आदि थे।

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