कानपुर, जेएनएन। किदवई नगर के एक नर्सिंग होम की पैथोलॉजी महिला कर्मी ने डॉक्टरों पर बुरी नीयत से खींचने का आरोप लगाया है। शिकायत की बात पर डॉक्टरों ने पीड़िता पर ढाई लाख की हेराफेरी करने का आरोप लगाया। आरोप है इस काम में किदवई नगर थाने के संजय वन चौकी प्रभारी और  सिपाही भी शामिल है। पीड़िता ने किदवई नगर थाने में तहरीर दी है।

ये है पूरा मामला 

जूही बारादेवी निवासी युवती किदवई नगर एच ब्लाक के नर्सिंगहोम की पैथोलॉजी में कलेक्शन का काम करती है। युवती के मुताबिक नौकरी की शुरुआत के कुछ माह तक सब कुछ ठीक था। आरोप है कि इसके बाद अस्पताल निदेशक और लैब प्रभारी उन पर बुरी नीयत रखने लगे थे। आये दिन दोनों लोग उसे केबिन में बुलाकर उसके साथ गंदी हरकतें करते थे। जब वह उनका विरोध करती थी तो वे लोग उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे। आरोप है कि 12 दिसंबर को लैब प्रभारी ने उन्हें केबिन में बुलाया जहां उन्होंने हाथ पकड़ कर अश्लीलता की। विरोध पर ढाई लाख की हेराफेरी करने का आरोप लगा कर कमरे में ही बंधक बनाया और मोबाइल छीन लिया। आरोप है कि निदेशक और लैब प्रभारी गलत काम के लिए दबाव डाल रहे थे। इन्कार करने पर दोनों  ने उसके मोबाइल से घरवालों को सूचना देकर ढाई लाख की चोरी का आरोप लगाया। मां से 58 हजार रुपये की चेक ले ली। आरोप है कि सादे कागज पर भाई के हस्ताक्षर कराकर उसमे मेरा चोरी का कबूलनामा लिखा। देर रात 11.30 बजे उसे अस्पताल से छोड़ा गया। युवती का आरोप है कि दबाव बनाने में संजय वन चौकी प्रभारी व थाने का सिपाही भी शामिल था। इस बारे में थाना प्रभारी किदवई नगर धनेश प्रसाद का कहना है कि मामले पर जांच रिपोर्ट एसएसपी दफ्तर भेजी गई है।