कानपुर, जेएनएन। जमीयत उलमा हिंदू के अध्यक्ष कारी सैयद मोहम्मद उस्मान पुरी ने केंद्र सरकार द्वारा देश भर में एनआरसी (नेशनल सिटीजन रजिस्टर) लागू करने के सवाल पर कहा कि इससे मुसलमानों को डरने की जरूरत नहीं है। उन्हे अपने पहचान से जुड़े दस्तावेज दुरुस्त रखने की जरुरत है। निर्वाचन आयोग समय-समय पर अभियान चलाता है तो सभी को अपना और अपने परिवार का नाम आगे बढ़कर मतदाता सूची में शामिल करा लेना चाहिए।

परेड स्थित मैदान में तहफ्फुज खत्मे नुबुव्वत हदीस कांफ्रेंस में आए जमीयत उलमा हिंदू के अध्यक्ष ने अयोध्या मसले पर कहा कि सभी को अदालत के निर्णय का सम्मान करना चाहिए। फैसले के बाद हालात सामान्य हों इसके लिए हुकूमत का साथ दें। अनुच्छेद 370 पर जमीयत उलमा हंिदू के महामंत्री मौलाना महमूद मदनी के वक्तव्य पर कहा कि इसका जवाब वही बेहतर दे सकते हैं। कहा, हुकूमत को कश्मीर में मानवाधिकारों का संरक्षण करना चाहिए। वहां नरमी बरती जाए ताकि आवाम में विश्वास पैदा हो।

हर आलिम और इमाम दीन का पहरेदार

कांफ्रेस में दारुल उलूम देवबंद के कुलपति मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि देश का हर आलिम और इमाम दीन का पहरेदार है। लोगों का ईमान बचाने के लिए दोनों को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि अपने ज्ञान में निरंतर बढ़ोत्तरी की जाए क्योंकि जब ज्ञान होगा तभी दीन के नाम पर इस्लाम में गड़बड़ी करने वालों की पहचान कर पाएंगे।

उन्होंने कहा कि इस्लाम के नाम पर गड़बड़ी करने वालों से सावधान रहें। जमीयत उलमा हिंदू के अध्यक्ष कारी सैयद मोहम्मद उस्मान मंसूर पुरी ने कहा कि मुसलमान शरीयत पर चलकर फितनों को खुद दफन कर सकते हैं। यह दीन-ए-मोहम्मदी आखिरी दीन है, कयामत तक चलेगा। इसमें रद्दोबदल नहीं हो सकता। मुसलमानों को चाहिए कि कुरान और दीन पर चलकर अपने मजहब और इंसानियत की खिदमत करें।

Posted By: Abhishek

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