कानपुर, जेएनएन। भाजपा विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने अपनी ही सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट नमामि गंगे परियोजना पर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप है कि इस परियोजना के तहत गंगा के घाटों पर कराई जा रही सफाई में घोटाला हो रहा है। कागजों पर कर्मचारी तैनात हैं और हवा में सफाई हो रही है। जब इस घोटाले के खिलाफ आवाज बुलंद की तो शारीरिक शोषण के आरोपों में फंसाने की कोशिश की हो रही है।

एक महिला ने लगाए थे शारीरिक शोषण के आरोप

बिठूर के विधायक पर पिछले दिनों एक महिला ने शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था। महिला और उसके पति ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार, डीजीपी, एडीजी, आइजी व एसएसपी से विधायक की शिकायत की है, जिसमें पिछले साल से शारीरिक शोषण के आरोप लगाए गए हैं। इस पर गुरुवार को विधायक मीडिया से मुखातिब हुए।

मुख्यमंत्री के सामने उठाऊंगा नमामि गंगे प्रोजेक्ट में धांधली का मामला

उन्होंने कहा कि नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत गंगा घाटों की सफाई की नाम पर एक निजी कंपनी भ्रष्टाचार कर रही है। बिठूर में जिस कंपनी के पास ठेका है उसने कागजों में 61 कर्मचारी रखे हैं, लेकिन जमीन पर कोई काम नहीं हो रहा है। पिछले दिनों एक कर्मचारी जयवीर की मृत्यु के बाद उसकी पत्नी पूनम उनके पास आई तो इस घोटाले की जानकारी हुई, जिस पर उन्होंने डीएम को पत्र लिखकर गड़बड़ी की जानकारी उन्हें दी। शिकायत के बाद ही कंपनी और दिल्ली की राजनीति करने वाले एक स्थानीय जनप्रतिनिधि ने उनके खिलाफ साजिश शुरू कर दी। यही वजह है कि उन पर एक महिला के शारीरिक शोषण का आरोप लगाया जा रहा है। विधायक ने कहा कि इस मामले को प्रदेश नेतृत्व व मुख्यमंत्री के सामने भी उठाएंगे।

महिला व उसके पति पर धन उगाही के आरोप

विधायक ने वार्ता में बिठूर की पूनम, तुलसीराम व बलराम को भी मीडिया के सामने पेश किया। कहा कि उन पर शोषण का आरोप लगाने वाली महिला के पति ने इन लोगों से कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे वसूले। जिस महिला ने उन पर आरोप लगाया है, वह भी उसी कंपनी की कर्मचारी है, जबकि पति नगर पंचायत बिठूर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। महिला के पति ने पूनम के पति से नौकरी दिलाने के नाम पर 60 हजार रुपये लिए थे। साढ़े सात हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिलाने का वादा किया था, लेकिन वेतन केवल पांच हजार रुपये दिया गया। इसको लेकर थाना बिठूर में महिला के पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज है, इसीलिए पेशबंदी में महिला उन पर आरोप लगा रही है। तुलसीराम व बलराम ने भी आरोप लगाया कि महिला के पति ने नगर पंचायत बिठूर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को नौकरी दिलाने के नाम पर क्रमश: 60 व 70 हजार रुपये दिए थे।

शिकायत के बावजूद भुगतान

विधायक ने बताया कि उनकी शिकायत पर डीएम कानपुर ने एसडीएम सदर को जांच के आदेश दिए थे। 9 दिसंबर 2019 को जांच शुरू हुई। इसके बावजूद कंपनी को 25 लाख रुपये का पेमेंट कर दिया गया।

अंतिम सांस तक लड़ेंगे इंसाफ की जंग

विधायक पर शोषण का आरोप लगाने वाली महिला व उसके पति से विधायक के आरोपों के बाबत बात की गई तो उन्होंने कहा कि विधायक के पास जनबल, बाहुबल और धनबल है। नौकरी दिलाने के नाम पर धन उगाही के आरोप झूठे हैं। लोगों को पैसा देकर उनके खिलाफ खड़ा किया गया। विधायक के डर से फिलहाल वह शहर से बाहर हैं। उनके पास विधायक के खिलाफ सैकड़ों सबूत हैं। समय आने पर वह सबके सामने रखेंगे।  

Posted By: Abhishek

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