कानपुर, जेएनएन। प्रदेश सरकार की कैबिनेट में हाल ही में शामिल हुईं प्राविधिक शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण ने कहा है कि हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) में नए सत्र में बीटेक का कोर्स बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि अब कंपनियों के अनुरुप ही टेक्नोक्रेट तैयार किए जाएंगे और इसके लिए प्रयोगात्मक अध्ययन का भाग बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने यह जानकारी एचबीटीयू के दूसरे स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में दी।

प्राविधिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि डिग्री मिलने से पहले छात्रों को कंपनियों से जोडऩे के लिए बीटेक में इंडस्ट्री की पढ़ाई शामिल करनी की योजना है। इसमें छात्रों को इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले नए सॉफ्टवेयर व मशीनों का ज्ञान देने के साथ प्रत्येक सत्र में दो हफ्ते का प्रशिक्षण और इंटर्नशिप भी दी जाएगी। कहा, पाठ्यक्रम इस तरह का होना चाहिए कि आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआइ), मशीन लर्निंग व इंटरनेट ऑफ थिंग (आइओटी) जैसे विषयों से बीटेक की सभी ब्रांच के छात्र परिचित हो सकें।

छात्रों को ऐसे प्रोजेक्ट दिए जाएं, जिनका जुड़ाव रोजाना सामने आने वाली तकनीकी समस्याओं से हो और छात्र उनका हल तलाशें। इससे उनके प्रोजेक्ट से आम जनमानस को सीधा लाभ मिलेगा। एचबीटीआइ के पूर्व निदेशक प्रो. केपी सिंह, प्रो. वीके जैन, एकेटीयू कुलपति प्रो. विनय पाठक को मानपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद देवेंद्र सिंह भोले ने किया और महापौर प्रमिला पांडेय भी मौजूद रहीं। कंप्यूटर साइंस तृतीय वर्ष के छात्र शुभम धामा को सर्वाधिक पैकेज पर नौकरी का ऑफर मिलने व विश्वविद्यालय में प्रवेश प्राप्त करने वाले 14 मेधावी भी सम्मानित हुए।

विदेशी विश्वविद्यालयों से होगा करार

प्रावधिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि यूएस, यूके, जर्मनी व फ्रांस समेत अन्य देशों के विश्वविद्यालयों व तकनीकी संस्थानों के साथ एचबीटीयू के शैक्षणिक करार भी कराए जाएंगे। स्टार्ट अप इंडिया के तहत विश्वविद्यालय को प्रदेश सरकार छात्रों की जरूरत के अनुसार सभी संसाधन उपलब्ध कराएगी। छात्रों में गीत, संगीत व खेलकूद समेत अन्य प्रतिभाओं को निखारने के लिए सांस्कृतिक व मीडिया क्लब का गठन होगा। विश्वविद्यालय के अधिनियम में संशोधन की मांग पर कहा कि इस पर भी वह विचार करेंगी।

एक हजार करोड़ के अनुदान, 250 पदों की जरूरत

एकेटीयू कुलपति प्रो. विनय पाठक ने एचबीटीयू की शाख पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि यहां पर 250 पदों की जरूरत है। विश्वविद्यालय में पढ़ाई का स्तर बढ़ाने के लिए एक हजार करोड़ रुपये अनुदान की आवश्यकता है। पूर्व कुलपति के पद पर कार्य करते हुए यह महसूस किया है। 16 साल से यहां पर एक भी नई नियुक्ति नहीं हुई है। नंबर एक पर पहुंचना मुश्किल है लेकिन उस पर टिका रहना और भी बड़ी बात होती है। प्रदेश सरकार से सहायता की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एचबीटीयू पूर्ववर्ती (एचबीटीआइ) के 100 वर्ष की यात्रा का रिकार्ड संरक्षित करने के लिए म्यूजियम बनाया जाना चाहिए। एचबीटीयू कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने कहा कि सीटें बढ़ाने व शिक्षकों की नियुक्ति का प्रस्ताव शासन में अटका है।

Posted By: Abhishek

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