कानपुर, जेएनएन। आइआइटी से नानकारी में रहने वालों का रास्ता फिलहाल खुला रहेगा। नई दिल्ली में मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक के साथ सांसद देवेंद्र सिंह भोले और आइआइटी निदेशक प्रो. अभय करंदीकर की वार्ता के बाद यह निर्णय हुआ।

आइआइटी ने नानकारी वालों का रास्ता बंद कर दिया था तो सांसद ने मानव संसाधन विकास मंत्री के सामने यह मुद्दा उठाया था। मंत्री ने इस मामले में दोनों पक्षों को दिल्ली बुलाया था। मंगलवार को नानकारी के निवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल सांसद के नेतृत्व में एचआरडी मंत्री के कार्यालय पहुंचा। आइआइटी निदेशक और मंत्रालय के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। सांसद ने कहा कि नानकारी वालों ने अपनी जमीन आइआइटी बनाने के लिए दी थी। अब उन्हीं का रास्ता बंद हो जाए तो यह न्यायोचित नहीं होगा।

ऐसे में एचआरडी मंत्री डॉ. निशंक ने आइआइटी निदेशक से कहा कि आपको नानकारी का विकास इस तरह से करना चाहिए कि उन्हें गर्व महसूस हो कि उन्होंने आइआइटी को जमीन दी थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद एचआरडी मंत्री ने कहा कि फिलहाल रास्ता यथावत खुला रहेगा। इसके बाद मंत्रालय के अधिकारियों, आइआइटी, स्थानीय प्रशासन, सांसद और स्थानीय निवासियों के साथ बैठकर इस मसले का हल निकाला जाए। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि नानकारी वालों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बैठक में सांसद के पुत्र विकास सिंह, पार्षद निर्मला मिश्रा, अजय, गोलू आदि लोग मौजूद थे।

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