सुधार की जरूरत बहुत है और उसकी तुलना में सरकार के पास संसाधन बहुत कम हैं। इसी वजह से सरकार ने औद्योगिक इकाइयों के लिए कॉरपोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी फंड निकालने का नियम बनाया। कॉरपोरेट घरानों को सरकार प्रेरित भी करती है कि वह समाज के विकास कार्यों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। नियम की यह बाध्यता शायद वह सबकुछ नहीं करा सकती थी, जो उद्यमियों के दिल में अपने शहर के प्रति लगाव करा रहा है। सेवा की भावना ही है कि कॉरपोरेट कंपनियां अपने सीएसआर फंड को सेवा कार्यों में खर्च कर रही हैं। खास बात यह भी है कि इस पैसे को जरूरत समझते हुए कहां और कैसे खर्च किया जाए। 'माय सिटी माय प्राइड' अभियान के तहत ऐसे ही सेवाभावी उद्यमियों के कार्यों का उल्लेख किया जा रहा है। इसी कड़ी में एक अहम नाम कानपुर फ्रंटियर एलॉय स्टील्स लिमिटेड के संस्थापक कुंदनलाल भाटिया का भी है। रेलवे पार्ट्स और कंपोनेंट बनानी वाली कंपनी का सीएसआर फंड जरूरत के अनुसार गरीबों का जीवन सुधारने पर खर्च किया जा रहा है।

शोध के लिए आईआईटी को दिए 38 लाख
अपने सीएसआर के तहत ही कंपनी ने आईआईटी कानपुर से हाथ मिलाया। संस्थान आम जीवन की सहूलियत के लिए बेहतर शोध कर सके, इसके लिए वर्ष 2017 और 2018 में सीएसआर विकास योजना के तहत 38 लाख रुपये का योगदान दिया।

ग्रामीणों को दी शुद्ध पेयजल की सौगात
कई ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल का संकट है। शहरों में संपन्न लोग आरओ प्लांट लगवा लेते हैं, लेकिन ग्रामीण इस पर खर्च नहीं कर सकते। इसे देखते हुए ही कुंदनलाल भाटिया ने आईआईटी को सीएसआर फंड देकर गैस इलेक्ट्रिक जल फिल्टर विकसित कराया। उस संयंत्र को उन्नाव जिला स्थित अजगैन गांव में स्थापित कराया। तब से उसी संयंत्र के माध्यम से ग्रामीणों को पीने के लिए शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है।

स्कूल गोद लेकर बदली सूरत
कुंदनलाल भाटिया मानते हैं कि समाज के सुधार के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बहुत जरूरी है। इसे महसूस करते हुए ही उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी सेवा कार्यों को आगे बढ़ाया। शास्त्री नगर स्थित इंटर कॉलेज को गोद ले लिया है। श्रम कॉलोनी स्थित इस स्कूल की व्यवस्थाएं उन्होंने सीएसआर फंड से दुरुस्त की हैं।

अब युवाओं के कौशल विकास की योजना
फ्रंटियर एलॉय स्टील्स लिमिटेड के संस्थापक कुंदनलाल भाटिया ने बताया कि हम कंपनी चलाने के साथ इस बात को समझ चुके हैं कि युवाओं का कौशल विकास बहुत जरूरी है। सिर्फ डिग्री-सर्टिफिकेट लेने से कुछ नहीं होता। सरकार भी कौशल विकास पर पूरा जोर दे रही है। इसे देखते हुए अब कंपनी अपना सीएसआर फंड युवाओं के कौशल विकास पर भी खर्च करेगी। इसके लिए वृहद योजना बनाई जा रही है।

By Krishan Kumar