यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 03, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कानपुर: हर एक व्यवसाय नहीं होता स्टार्टअप, कार्यशाला में एमबीए के छात्रों ने सीखे गुर
सीए अर्चित गुप्ता ने कहा कि अगर छात्रों को स्टार्टअप करना है तो सर्वप्रथम आइडिया होना चाहिए हर एक व्यवसाय ...और पढ़ें

कानपुर, जागरण संवाददाता। छत्रपति शाहूजी महाराज विवि के स्कूल आफ बिजनेस मैनेजमेंट में एमबीए के छात्रों को स्टार्टअप शुरू करने के गुर सिखाए गए। इस कार्यशाला का आयोजन एल्युमिनाइ एसोसिएशन की ओर से किया गया। शुभारंभ निदेशक प्रो. अंशु यादव, मुख्य वक्ता सीए अर्चित गुप्ता, पूर्व निदेशक प्रो. आरसी कटियार, एल्युमिनाइ एसोसिएशन के सचिव डा. सुधांशु राय व डा. अर्पणा कटियार ने किया।
प्रो. अंशु यादव ने कहा कि विभाग की ओर से विद्यार्थियों को क्लासरूम शिक्षा के साथ ही इंडस्ट्री के विशेषज्ञों से संवाद स्थापित कराने पर जोर दिया जाता है, ताकि वह मार्केट की जरूरतों को जान सकें। सीए अर्चित गुप्ता ने कहा कि अगर छात्रों को स्टार्टअप करना है तो सर्वप्रथम आइडिया होना चाहिए, हर एक व्यवसाय स्टार्टअप नहीं होता। स्टार्टअप वह है, जिस पर किसी परिस्थिति का कोई प्रभाव न पड़े। उस व्यवसाय का तेजी से फैलाव हो और दूसरों को रोजगार दे सके। उन्होंने स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रथम चरण से आखिरी चरण तक बिंदुवार जानकारी दी।
डा. सुधांशु राय ने बताया कि प्रबंधन एक ऐसा पाठ्यक्रम है, जिसके छात्र उद्यमी बनने के लिए सबसे उपयुक्त हैं। प्रो. आरसी कटियार ने कहा कि नौकरी लेने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनना चाहिए। डा. अर्पणा कटियार ने विद्यार्थियों को उद्यमिता के प्रति प्रोत्साहित किया। इस दौरान डा. वारशी सिंह, डा. विवेक सचान आदि रहे।
