कानपुर, जेएनएन। केस्को संविदा कर्मचारियों के पीएफ घोटाले से जुड़े मामले में नया मोड़ आ गया है। अब पुलिस को एक गवाह भी मिल गया है, जिसने कंपनी के नाम की जानकारी पुलिस को दी है और यह भी बताया है कि कंपनी के प्रोपराइटर ने किस तरह घोटाला किया। यह गवाह कंपनी का पूर्व कर्मचारी है और इसके नाम से भी कंपनी ने लाखों का वारा न्यारा किया। उक्त गवाह अब सरकारी गवाह भी बनने को तैयार है।

दैनिक जागरण ने केस्को के 236 संविदा कर्मचारियों के पीएफ का करीब 70 लाख रुपये हड़पे जाने का पर्दाफाश किया था। क्राइम ब्रांच के साथ ही कर्मचारी भविष्यनिधि संगठन का लखनऊ कार्यालय भी जांच कर रहा है। वहीं कर्नलगंज थाने में दर्ज मुकदमे की जांच एसआइ अमित मलिक कर रहे हैं। दैनिक जागरण की पड़ताल में पिछले दिनों प्रदीप कुमार बाजपेयी का नाम प्रकाश में आया था, जिसके बैंक खाते से कई कर्मचारियों का पीएफ निकाला गया था। अखबार में खबर पढऩे के बाद प्रदीप कुमार कर्नलगंज थाने पहुंचा और विवेचक को घोटाले से जुड़े कई राज बताए। साथ ही सरकारी गवाह बनने की इच्छा जाहिर की है।

प्रदीप ने पुलिस को दिए बयान में कहा कि वह अशोक नगर स्थित श्री बालाजी इंटरप्राइजेज में वर्ष 2016 से नौकरी कर रहा था। उसे 6200 रुपये वेतन मिलता था। उसके व अन्य अन्य कर्मचारियों के बैंक खाते कंपनी ने खुलवाए और पासबुक और एटीएम कार्ड प्रोपराइटर के पास ही रहते थे। कंपनी का लेनदेन भी कर्मचारियों के खाते से होता था। उसके खाते से पीएफ की जो रकम निकाली गई है, उसके बारे में उसे पता ही नहीं था। प्रोपराइटर के आदेश पर उसने यह पैसा निकालकर गिरफ्तार किए जा चुके मुकुल दुबे को दिया था। जब समाचार में उसका नाम आया तो बैंक से डुप्लीकेट पासबुक निकलवाई तब यह खेल सामने आया। प्रदीप ने लिखित में बयान दिया है कि घोटाले में उसकी तरह ही अन्य कर्मचारियों के बैैंक खातों का प्रयोग किया गया है।

-मामला संज्ञान में आया है। प्रदीप से पूछताछ हुई है। उसने कई जानकारियां दी हैं। उसके आधार पर पुलिस आगे की जांच कर रही है। अगर कंपनी ने ऐसा किया है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। -सलमान ताज पाटिल, डीसीपी क्राइम

Edited By: Abhishek Agnihotri