संवाद सहयोगी, बिठूर : बिठूर के लवकुश नगर स्थित अखंड शिवधाम आश्रम में रहने वाले 96 वर्षीय महंत स्वयं प्रकाशानंद की मंगलवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। उनका शव कमरे में मिला। आश्रम में रहने वाले एक परिवार ने पुलिस को जानकारी दी। पोस्टमार्टम में बीमारी से मौत की पुष्टि हुई है। आसपास के लोगों ने बताया कि कुछ माह पूर्व आश्रम की संपत्ति को लेकर महंत का अपनी पौत्र वधू से विवाद हुआ था।

पुलिस के मुताबिक महंत स्वयं प्रकाशानंद मूलरूप से गोंडा जिले के रहने वाले थे। अखंड शिवधाम आश्रम के स्वामी होने के साथ ही वह आश्रम का संचालन और देखरेख भी करते थे। हालांकि बाद में आश्रम में उन्होंने एक परिवार भी रख लिया था। उस परिवार ने बताया कि महंत जी ने विवाह नहीं किया था। आश्रम की समय समय पर वह मरम्मत कराते रहते थे। उनके पारिवारिक पौत्र डॉ. सुधीर तिवारी एक न्यूरो सर्जन हैं और वर्तमान में जर्मनी में कार्यरत हैं। सुधीर की पत्नी डॉ. रेनू तिवारी इन दिनों बिठूर स्थित आश्रम परिसर में ही रहती हैं। डॉ. रेनू ने बताया कि दादा जी काफी दिन से बीमार चल रहे थे। सोमवार देर रात अचानक उनकी हालत बिगड़ी और मौत हो गई। सुबह पता लगा तो आसपास के लोगों को जानकारी दी गई। थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फेफड़ों की बीमारी और शॉक एंड सेप्टीसीमिया के चलते मौत होने की बात सामने आई है। कुछ माह पूर्व महंत ने तत्कालीन डीआइजी डॉ. प्रीतिदर सिंह से संपत्ति विवाद की शिकायत की थी। इस पर जांच की गई थी और महंत को वापस आश्रम में रखवाया गया था। अगर कोई तहरीर आती है तो जांच की जाएगी। वहीं आश्रम में रहने वाली उनकी पौत्र वधू का कहना है कि किसी तरह का कोई विवाद नहीं है। वसीयत उनके पति डॉ. सुधीर के नाम पर है।