कानपुर, जेएनएन। गोविंदनगर विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में बीते तीन चुनावों की तुलना सबसे कम वोटिंग हुई है। सुबह से शाम तक धीमी गति से हुए मतदान में दोपहर में एक बजे तक जहां 21 फीसद वोट पड़े, वहीं इसके बाद पांच घंटे में मात्र 12.13 फीसद मतदान हुआ और शाम सबसे कम मतदान का अनचाहा रिकार्ड बना और मात्र 33.13 फीसद ही वोट पड़े।

उपचुनाव में सोमवार को सुबह बदली थी और ठंडी हवा भी चल रही थी। सुबह सात बजे से 349 बूथों पर पहले मतदान काफी धीमा रहा लेकिन फिर कुछ तेजी पकड़ी। नौ बजे तक सात फीसद वोट पड़ चुके थे। दो-दो घंटे के पहले तीन चरण में सात-सात फीसद मतदान हुआ। दोपहर एक बजे तक 21 फीसद वोट पड़ चुके थे लेकिन इसके बाद जैसे ही सूरज बादलों से थोड़ा बाहर निकला मतदाता घरों के अंदर सिमट गए।

कुछ बूथों में पूरे दिन सन्नाटा रहा। निर्वाचन अधिकारी और पोलिंग ड्यूटी में लगे कार्मिक भी खाली पोलिंग स्थलों को देखकर हैरान थे। एक बजे से तीन बजे के बीच मात्र 03.01 फीसद वोट ही पड़े। अधिकारियों को उम्मीद थी कि शायद शाम को पांच बजे के बाद मतदान बढ़े और बूथों पर लाइन दिखे लेकिन मात्र 2.03 फीसद मतदान ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। हालांकि दोपहर तीन बजे से पांच बजे के बीच जरूर मतदान तेज नजर आया।

इनके भविष्य पर हुआ फैसला

बसपा के देवी प्रसाद तिवारी, भाजपा के सुरेंद्र मैथानी, कांग्रेस की करिश्मा ठाकुर, सपा के सम्राट विकास, निर्दलीय देवेंद्र कुमार सिंह, भारतीय शक्ति चेतना पार्टी के राकेश त्रिपाठी, सभी जन पार्टी के योगेंद्र अग्निहोत्री, निर्दलीय डॉ. वीएन पाल व सुरेंद्र कटियार।

Posted By: Abhishek

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