कानपुर, जागरण संवाददाता। Kanpur Love Case : प्रेम विवाह करने वाली युवती को पति की हरकत ने इस कदर आहत किया कि उसने मौत को चुन लिया। सालों को हत्या के प्रयास के झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए पति ने खुद को गोली मरवाई तो आहत पत्नी ने फजलगंज में पांच दिन पूर्व ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। पांच दिन पहले फजलगंज के रेलवे ट्रैक पर मिले शव की पहचान होने के बाद प्यार की दुखद की कहानी सामने आई है। 

अनवरगंज लाटूश रोड निवासी शुभम ने शव की पहचान बहन मुस्कान के रूप में की। उसने बताया कि मुस्कान ने दिसंबर में लाटूश रोड निवासी कुक्कू से स्वजन की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। वहीं, कुछ दिन पहले कुक्कू ने अपने सालों को फंसाने के लिए खुद को गोली मरवाई थी। पुलिस इस मामले का राजफाश कर चुकी है।

शादी के बाद जब मुस्कान को पता चला कि कुक्कू आपराधिक प्रवृति का है और उस पर कई मुकदमे दर्ज हैं तो उसने उससे दूरी बना ली और अपने मायके में आकर रहने लगी। इसके बाद से कुक्कू अपने साले शुभम और सचिन से रंजिश मानने लगा। उसने अपने सालों को फंसाने के लिए राजापुरवा निवासी दोस्त शुभम कश्यप और नयापुरवा निवासी सूरज कुमार के साथ मिलकर योजना बनाई।

13 सितंबर को साजिश के तहत सीओडी पुल पर कुक्कू ने अपने साथियों से खुद को गोली मरवाई और अपने साले शुभम और सचिन पर हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज करवा दिया। फोरेंसिक टीम ने जांच कर फर्जीवाड़े का खुलासा किया था। इसके बाद पुलिस ने शुभम की तहरीर पर कुक्कू और उसके दोनों दोस्तों पर षडयंत्र रचने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।

वहीं, भाइयों को फंसाए जाने से आहत मुस्कान ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। उसके भाई शुभम ने इसे लेकर तहरीर दी है। अनवरगंज थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज ने बताया कि भाई की तहरीर पर कुक्कू समेत तीन के खिलाफ आत्महत्या दुष्प्रेरण की रिपोर्ट दर्ज की गई है।

एलएलआर से लापता हो गई थी मुस्कान

16 सितंबर को मुस्कान एलएलआर अस्पताल पहुंची थी, लेकिन उसके बाद घर नहीं लौटी। अगले दिन उसका शव फजलगंज थानांतर्गत कानपुर-फर्रुखाबाद रेलवे ट्रैक पर मिला। ट्रेन से कटकर उसकी मौत हो गई थी। मामले में स्वजन ने गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी।

तीन दिनों तक पहचान न होने पर मंगलवार को अज्ञात में शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया। बुधवार को शुभम व उनके स्वजन फजलगंज थाने पहुंचे तो उन्होंने कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान की।

Edited By: Abhishek Agnihotri