जागरण संवाददाता, कानपुर : राष्ट्रीयकृत बैंक की देशव्यापी हड़ताल के पहले दिन औद्योगिक नगरी में व्यापक असर रहा। शुक्रवार को बैंकों में ताले लटकते रहे और 140 करोड़ रुपये का नकद लेनदेन प्रभावित रहा। इसी तरह 250 करोड़ रुपये की क्लीय¨रग और 200 करोड़ रुपये का विदेशी विनिमय (फॉरेन एक्सचेंज) नहीं हो सका। उधर, बिरहाना रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर एकत्र हुए अधिकारी एवं कर्मचारियों ने विरोध-प्रदर्शन कर सरकार के प्रति भड़ास निकाली। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर वेतन समझौता समेत 12 सूत्री मांगों को लेकर शुक्रवार को सभी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी हड़ताल पर चले गए, जो शनिवार तक चलेगी। दो फरवरी को रविवार के चलते बैंकों में लगातार तीन दिन काम नहीं होगा, जिसके चलते आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। हड़ताल के पहले दिन सभी बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी बिरहाना रोड स्थित पंजाब नेशनल बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय के बाहर और भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा परिसर में एकत्र होकर प्रदर्शन किया। संयोजक सुधीर सोनकर ने कहा कि पहली बार आम बजट के दौरान बैंकों में हड़ताल है। ऐसा करने के लिए सरकार ने ही मजबूर किया है। वहीं यूपी बैंक इम्पलाइज यूनियन के रजनीश गुप्ता ने कहा कि सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन बैंककर्मी ही करते हैं, लेकिन वेतन बढ़ाने की बात पर सरकार रुख नहीं मिलाती है। भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन के सहायक महामंत्री राजेंद्र अवस्थी ने कहा कि सरकार हमारी मांगों को लेकर उदासीन है। अध्यक्षता मनोज तिवारी ने की। इस दौरान संजय त्रिवेदी, विजय अवस्थी, दीप शुक्ला, अरविंद द्विवेदी, हृदेश जायसवाल, स्वाती श्रीवास्तव, प्रवीण मिश्र, अनिल मिश्र, लालचंद्र, बद्री प्रसाद, अनुराग शुक्ला, अंकुर द्विवेदी, पीएन शुक्ल, राजीव धवन, संदीप सक्सेना, रमाकांत पांडेय, अजय पांडेय, बृजेंद्र पांडेय, प्रदीप कपूर, गोरखनाथ मेहरोत्रा मौजूद रहे। हड़ताल पर दस हजार बैंककर्मी पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, ओरियंटल बैंक ऑफ कामर्स, यूनियन बैंक, कैनरा बैंक, सिंडीकेट बैंक, इलाहाबाद बैंक, सेंट्रल बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सहित बैंकों के सभी क्षेत्रीय कार्यालय बंद रहे। हड़ताल में 10 हजार बैंककर्मी शामिल रहे। एटीएम खाली होने पर होगी दिक्कत हड़ताल की वजह से तीन दिन तक बैंकों में कोई कामकाज नहीं होगा। गुरुवार रात सभी बैंकों के 232 एटीएम में 50-50 लाख रुपये भरे गए थे। हड़ताल की वजह से सारा लेनदेन एटीएम से होगा। ऐसे में शनिवार दोपहर बाद से दिक्कत हो सकती है। निजी बैंकों के एटीएम से होगी राहत निजी क्षेत्र के बैंक हड़ताल में शामिल नहीं हैं। इसलिए शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित निजी बैंकों के एटीएम राहत प्रदान कर सकते हैं। सर्वर डाउन, इंटरनेट बैंकिंग प्रभावित देशव्यापी हड़ताल की वजह से बैंक मुख्यालयों का कामकाज प्रभावित है। इस वजह से सर्वर डाउन रहा। इस वजह से इंटरनेट बैंकिंग भी प्रभावित हुई। इंटरनेट बैंकिंग के जरिये रोजाना 100-150 करोड़ रुपये का लेनदेन होता है।

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