कानपुर, जेएनएन। कुश्ती में ओलंपिक कांस्य विजेता पद्मश्री साक्षी मलिक कहती हैं कि यह बदलते दौर का तकाजा है जो बेटियों का खेलों के प्रति रुझान बढ़ रहा है। कुश्ती हो या अन्य खेल, बेटियां देश का नाम रोशन कर रही हैं। पहले बेटी बचाओ, फिर बेटी पढ़ाओ और अब बेटियों को खिलाओ का नारा दुनिया भर में भारत को गौरव का अहसास करा रहा है।

शहर में आयोजित अंतरराष्ट्रीय दंगल में बतौर अतिथि शामिल हुईं साक्षी ने कहा कि हरियाणा की तर्ज पर अन्य राज्यों में कुश्ती को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। गांवों में सुविधाएं मिलने से अच्छे पहलवान सामने आएंगे। बोलीं, साधारण परिवार में पली बढ़ी हूं, जो मिला वह कुश्ती ने ही दिया। अब देश को ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाना ही सबसे बड़ा सपना है। साक्षी ने राजनीति में जाने को लेकर अनिच्छा जताई। उनके साथ आए अर्जुन अवार्डी पहलवान सत्यव्रत ने कहा कि सरकार खिलाडिय़ों को सुविधाएं दे रही है, लेकिन अभी कई सुविधाओं की दरकार है।

सुविधाएं मिलें तो गांवों से निकलें खिलाड़ी : नरसिंह यादव

शहरों के मुकाबले ग्रामीण युवाओं का रुझान खेलों की ओर बढ़ रहा है। उनका हुनर निखार दिया जाए तो देश के लिए पदक जीत सकते हैं। यह कहना है कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक विजेता पहलवान नरसिंह यादव का। बोले, वह खुद यूपी के हैं इसलिए यहां के खिलाडिय़ों के जुनून से वाकिफ हैं। कुश्ती के प्रति युवाओं का लगाव बढ़ रहा है, कानपुर में कुश्ती देखने उमड़ी भीड़ से यह साबित होता है।

भारत में मिल रहा ईरान जैसा प्यार : अली

भारत में एक वर्ष से कुश्ती खेल रहे ईरानी पहलवान अली ने कहा कि यहां के व्यवहार व प्यार ने ईरान जैसा अहसास कराया। भारत वह देश है जो दुनियाभर के लोगों को अपनत्व का अनुभव कराता है। उनके हमवतन पहलवान हादी ने कहा कि एक वर्ष से पंजाब के पहलवानों के बीच अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की तैयारी कर रहा हूं। पंजाब के साथी पहलवानों का प्यार मुझे बेहतर करने के लिए प्रेरित करता है।

Posted By: Abhishek

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