कानपुर (जेएनएन)। पुलिस की मुस्तैदी से आज कानपुर में एक मासूम के अपहरण का प्रयास विफल हो गया। सात वर्ष का मासूम आज स्कूल जा रहा था, इसी दौरान पौने नौ बजे दो बाइक सवार ने उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद पांच करोड़ रुपए की फिरौती मांगी। अपहरण की सूचना पर मुस्तैद कानपुर पुलिस की नाकाबंदी से बदमाश बच्चे को बस में छोड़कर भाग गए।

कानपुर के काकादेव के रानीगंज में रहने वाले सात वर्ष के एक मासूम का आज सुबह दो बाइक सवार बदमाशों ने स्कूल जाते समय अपहरण कर लिया और परिवार के लोगों को फोन करके पांच करोड़ की फिरौती मांगी। पुलिस और क्राइम ब्रांच के हरकत में आने और नाकाबंदी की सूचना मिलने पर आरोपित बच्चे को खागा फतेहपुर में चलती बस में छोड़कर भाग निकले।

यहां रानीगंज निवासी मंजीत शुक्ला काकादेव में होस्टल चलाते हैं। उनका इकलौता बेटा आदित्य उर्फ नंदू सात नेहरूनगर के ओंकारेश्वर सरस्वती शिक्षा निकेतन में तीसरी कक्षा का छात्र है। हर दिन की तरह सुबह आठ बजे वह अपने चचेरे भाइयों रुद्रांश (सात वर्ष) व अक्षत (पांच) और दो अन्य बच्चों के साथ ई रिक्शा से स्कूल जा रहा था। लाजपतनगर में नहरिया रोड पर पीछे से आये दो बाइक सवारों ने ओवरटेक कर ई रिक्शा रोका और नंदू को आवाज दी और अक्षत ने हां कहा तो उसे उठाने लगे।

रिक्शा चालक के विरोध पर तमंचा निकाल कर जान से मारने की धमकी भी दी। इस पर नंदू बोला कि मैं हूँ। तब उन्होंने अक्षत को छोड़कर नंदू को दबोच लिया। उसका स्कूल बैग बाइक पर रख उसे बीच में बैठाकर दोनों बाइक वापस मोड़ लाला लाजपतराय पार्क होते हुए रंगोली होटल वाली सड़क से फरार हो गए। चचेरे भाई रुद्रांश ने बताया कि बाइक चला रहा युवक चेहरे पर रुमाल बांधे था। पीछे वाले के हाथ में पिस्टल थी। घटना के बाद बच्चों ने परिवार के लोगों को बताया जिस पर मंजीत व उनके भाई राहुल अन्य लोगों के साथ पहुंचे। करीब आधे घंटे बाद आदित्य के पिता के मोबाइल पर पांच करोड़ की फिरौती के लिए फोन आया। तब परिवार के लोगों ने पुलिस को फोन किया।

सूचना पर नजीराबाद, फजलगंज, कल्याणपुर, काकादेव एसओ पहुँचे। इसके बाद एसपी साउथ अशोक कुमार, एसएसपी की क्राइम ब्रांच, एडीजी की सर्विलांस टीम ने आकर जांच शुरू की। पूरे शहर व पास के जनपदों को मैसेज भेजकर नाकाबंदी करा दी गई। पुलिस को पार्क के पास एक दुकान पर लगे कैमरे में बाइक सवार कैद मिले।

इसके बाद पुलिस बाइक नंबर और सर्विलांस के जरिये अपहरणकर्ताओं की तलाश में जुटी। इस बीच फतेहपुर जा रही बस के चालक का पिता के पास फोन आया कि बच्चा उनकी बस में है। तब पुलिस टीम ने जाकर बच्चे को खागा में सकुशल बरामद किया।

 

By Dharmendra Pandey