कानपुर, जेएनएन। चकेरी के चिश्तीनगर से अगवा की गई किशोरी की बरामदगी को लेकर पुलिस ने कोई प्रयास नहीं किया। पुलिस ने किशोरी को तब बरामद किया जब उसने गुरुवार को खुद ही हिम्मत दिखाई और पड़ोसी के फोन से 112 नंबर पर फोन मिला दिया। पीआरवी (पुलिस रेस्पांस व्हीकल) के जवान आठ मिनट में लोकेशन ट्रेसकर जाजमऊ बुढिय़ाघाट पहुंचे और आसपास के लोगों की मदद से एक कमरे में बंधक बनाई गई पीडि़ता को बरामद कर लिया।

घर से नकदी व जेवरात भी ले गई थी

सनिगवां में चिश्तीनगर की 16 वर्षीय किशोरी को इलाके का युवक शमशाद उर्फ मटरू 22 दिसंबर की शाम बहला फुसलाकर ले गया था। आरोपित के बहकावे में किशोरी घर से 95 हजार रुपये, पायल, सोने की चेन, झुमकी, अंगूठी आदि जेवर भी साथ ले गई थी। पुलिस ने मामले में लापरवाही बरतते हुए मुकदमा तक नहीं लिखा। परेशान होकर पीडि़ता की मां ने एडीजी दफ्तर में गुहार लगाई। इसके बाद 14 जनवरी को रिपोर्ट दर्ज हुई। इसी बीच किशोरी ने 112 नंबर पर फोन मिला दिया तो पुलिस ने पहुंचकर किशोरी को मुक्त कराया। थाने के अपराध निरीक्षक वीरेंद्र बहादुर ने बताया कि किशोरी के बयान दर्ज किए गए हैं। शुक्रवार को कोर्ट में बयान कराए जाएंगे। आरोपितों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

20 दिन तक टरकाती रही पुलिस

पीडि़ता की मां ने 23 दिसंबर को ही सनिगवां चौकी में प्रार्थना पत्र दिया था लेकिन चौकी प्रभारी राम सिंह टरकाते रहे। मां का आरोप है कि 26 दिसंबर को चौकी प्रभारी आरोपित व बेटी को चौकी लाए। जब वह पति संग पहुंचीं तो बोले किबेटी, आरोपित शमशाद के साथ रहना चाहती है, इसलिए उसके साथ भेज दिया है। इसके बाद तीन जनवरी को शमशाद केभाई दिलशाद ने पुलिस से शिकायत करने पर मारपीट व जान से मारने की धमकी दी।  

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