केस्को में पीडी घोटाला, जांच में अनियमितता मिलने पर पूर्व XEN समेत 6 के खिलाफ चार्जशीट
केस्को में पीडी (स्थायी रूप से कनेक्शन काटना) घोटाले में कार्रवाई तेज हो गई है, जिसमें तत्कालीन एक्सईएन मनीष निषाद ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, कानपुर। केस्को में पीडी (स्थायी रूप से कनेक्शन काटना) के नाम पर हुए घोटाले में कार्रवाई गति पकड़ गई है। जांच में पुष्टि होने के बाद जिम्मेदार तत्कालीन एक्सईएन समेत छह लोगों को चार्जशीट जारी कर दी गई है। जिन्हें चार्जशीट दी गई है, उनमें एक्सईएन (अधिशासी अभियंता) मनीष निषाद, सहायक अभियंता (एसडीओ) पंकज कुमार, अवर अभियंता (जेई) संतोष कुमार, लेखाकार अभिलाष कुमार एवं कार्यकारी सहायक शालिनी और हसमत हुसैन हैं।
जांच में पाया गया है कि कनेक्शन की पीडी में कई बड़े बकायेदारों को नियमों को दरकिनार कर राहत दी गई है। ये शुरूआती जांच तीन सदस्यीय कमेटी ने की है। चार्जशीट देने के बाद अब पूरे मामले की पड़ताल की जिम्मेदारी प्रबंध निदेशक (एमडी) नेहा जैन ने अधीक्षक अभियंता प्रमोद कुमार सिंह काे दी है। माना जा रहा है कि केस्को को आर्थिक रूप से चपत लगाने वाले जिम्मेदारों के विरुद्ध जल्द ही कार्रवाई हो जाएगी।
इस पूरे मामले से पांच अगस्त के अंक में दैनिक जागरण ने ''केस्को की बिलिंग में खेल, 57 लाख बकाया में सिर्फ 5,290 जमा कराकर कनेक्शन खत्म'' शीर्षक से खबर छापकर पर्दा उठाया था। प्रारंभ में इस प्रकरण की जांच अधीक्षण अभियंता (कमर्शियल) एके प्रभाकर की टीम ने की थी।
इस टीम में अधिशासी अभियंता बिलिंग-द्वितीय अनिल अहूजा, एसडीओ बिलिंग-द्वितीय ओपी वर्मा व लेखाकार प्रशांत श्रीवास्तव थे। इन लोगों ने जांच कर रिपोर्ट पिछले महीने ही सौंप दी थी। जिस पर पिछले दिनों आरोपी एक्सईएन मनीष निषाद व उनकी टीम के कर्मियों को चार्जशीट दी गई है। इन लोगों को जवाब दाखिल करने को एक सप्ताह का मौका दिया गया है। अब इनके विरुद्ध विस्तार से जांच अधीक्षक अभियंता प्रमोद कुमार सिंह कर रहे हैं।
वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद हुए खेल
केस्को में स्थायी रूप से कनेक्शन बंद करने के नाम पर बड़ा खेल हुआ है। करोड़ों रुपये की बकायेदारी वाले बिजली बिलों में संशोधन कर कहने भर की अदायगी कराकर मामले रफा-दफा कर दिए गए हैं। ये संपूर्ण खेल जनवरी 2025 से मई 2026 के बीच एनएससी-दो (नया सेवा संयोजन) अनुभाग में हुआ है।
इसमें केस्को में वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद से तैनात रहे अधिकारियों ने जमकर कमाई की है। उस बीच में एनएससी-दो की जिम्मेदारी बतौर एक्सईएन मनीष निषाद को मिली थी, इन्हें अभी कुछ समय पहले ही हटाकर टेक्निकल-दो में स्थानांतरित किया गया है। इनकी जगह एक्सईएन अखिलेश कुमार को एनएससी-दो के कार्य सौंपे गए हैं।
और हो पड़ताल तो खुलेंगे बड़े-बड़े राज
सूत्रों का दावा है कि पीडी के मामलों का स्पेशल आडिट हो तो कई करोड़ रुपये का घपला उजागर होगा। खबर है कि 10 जून को वाणिज्य-प्रथम व द्वितीय सब-वर्टिकल क्षेत्र के बिजली कनेक्शनों के स्थाई विच्छेदन (पीडी) के कार्यों की प्रारंभिक समीक्षा अधीक्षण अभियंता कमर्शियल एके प्रभाकर ने की थी। इसमें भी कई संदिग्ध मामले पकड़ में आए हैं।
इन मामलों में फंसे एक्सईएन व उनके साथी
जाजमऊ की शाहीन जफर को 29 मई 2013 को एलएमवी-6 श्रेणी का कनेक्शन (3190170000) 33.5 किलोवाट का मिला था। 18 मई 2026 को स्थाई रूप से इनके कनेक्शन काे बंद कर दिया गया। उस दौरान उन पर 56,75,725 रुपये बकाया थे। बिल संशोधन कर 16.27 लाख रुपये किया गया, पर इसके बदले में सिर्फ 5,290 रुपये जमा कराकर केस्को को चपत लगाई गई है। ऐसे ही चार अन्य मामले हैं। इनमें बीएस पार्क क्षेत्र के राजेंद्र सिंह, के. दुलारे ज्वैलर्स, एफकान इंफ्रा लिमिटेड और विजन हास्पिलिटी का बिजली कनेक्शन स्थाई रूप से बंद करने में खेल किया जाना शामिल है।
बिजली कनेक्शन के पांच मामले जिनकी पीडी एक्सईएन मनीष निषाद व उनकी टीम ने की है, उसमें काफी अनियमितताएं मिली हैं। इन लोगों को चार्जशीट जारी की गई है। प्रकरण में जल्द ही कार्रवाई पूर्ण की जाएगी।
- राकेश वार्ष्णेय, निदेशक (कमर्शियल)-केस्को
