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कानपुर विकास प्राधिकरण को अपनी ही जमीन छुड़वाने में लगे 65 साल, ₹103 करोड़ से अधिक है अनुमानित कीमत

Published: Thu, 29 Oct 2026 10:35 PM (IST)

कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) को 65 साल बाद ग्राम शाहपुर (मोहसिनपुर) में 13,940 वर्ग मीटर जमीन वापस मिली है, जिसकी अनुमानित कीमत 103 करोड़ रुपये से अधिक है।

कानपुर विकास प्राधिकरण।

कानपुर विकास प्राधिकरण।

HighLights

  1. केडीए को 65 साल बाद जमीन वापस मिली।

  2. 13,940 वर्ग मीटर जमीन की कीमत 103 करोड़।

  3. हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर जुर्माना लगाया।

जागरण संवाददाता, कानपुर। हाई कोर्ट के आदेश से केडीए को 65 साल बाद ग्राम शाहपुर (मोहसिनपुर) में 13,940 वर्ग मीटर जमीन मिली है। कोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया के दुरुपयोग पर याचिकाकर्ता पर पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। केडीए के विशेष कार्याधिकारी सत शुक्ला ने बताया कि पनकी आवासीय योजना में स्थित आराजी संख्या 210, 221, 222 व 223 की 13,940 वर्ग मीटर भूमि प्राधिकरण की अर्जित भूमि है, जिसे भू-अर्जन अधिनियम-1984 के प्रावधानों के तहत अर्जित किया गया था। इस पर काबिज सुमित माखीजा व अन्य सिविल कोर्ट से स्टे ले आए थे।

भूमि अर्जन से मुक्त करने की अर्जी राज्य सरकार ने 16 मई 2008 को निरस्त कर दी थी, जिस पर याचिकाकर्ताओं ने हाई कोर्ट में रिट दाखिल की। याचिकाकर्ताओं ने आधार लिया कि एवार्ड की धनराशि जमा नहीं हुई और कब्जा शुरू से उनके व पूर्वजों के पास रहा है। हाई कोर्ट ने 27 अक्तूबर को आदेश दिया कि याचिकाकर्ताओं ने विधिक प्रक्रिया का दुरुपयोग कर 65 साल से अवैध कब्जा जमा रखा था।

विशेष कार्याधिकारी ने बताया कि आवासीय सर्किल दर 37 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के अनुसार जमीन की कीमत 51 करोड़ 57 लाख 50 हजार रुपये है, जबकि व्यावसायिक सर्किल दर 74 हजार रुपये के हिसाब से इसका मूल्य एक अरब तीन करोड़ 15 लाख 60 हजार रुपये है।