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कानपुर को जलभराव से मिलेगी मुक्ति, 320 करोड़ से बनेंगे नाले; 112 करोड़ रुपये हुए जारी

Published: Tue, 27 Oct 2026 05:27 PM (IST)

कानपुर में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए मकड़ीखेड़ा और सीओडी नालों के निर्माण हेतु 112 करोड़ रुपये ...और पढ़ें

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

यह तस्वीर एआई द्वारा बनाई गई है।

HighLights

  1. मकड़ीखेड़ा और सीओडी नालों के लिए 112 करोड़ जारी।

  2. कानपुर के 76 मोहल्लों को जलभराव से मिलेगी मुक्ति।

  3. दो साल में पूरा होगा 320 करोड़ का नाला निर्माण।

जागरण संवाददाता, कानपुर। मकड़ीखेड़ा और सीओडी नाले के निर्माण के लिए शासन ने 112 करोड़ रुपये जारी कर दिए है। साथ ही नाले के निर्माण के लिए कंपनी फाइनल हो गई है और सर्वे भी शुरू हो गया है। दोनों नालों से 76 मोहल्लों की जल निकासी जुड़ी है। कई जगह नाला टूटी है या गायब है। दो साल में नाले के निर्माण होने के बाद करीब पांच लाख लोगों को जलभराव से नहीं जूझना पड़ेगा।

बरसता में मकड़ीखेड़ा नाले से जुड़े कई इलाकों में पानी भरने के कारण लोग घरों में कैद हो गए थे। गंगा के किनारे का इलाका होने के कारण कई मगरमच्छ भी निकल आए थे। आबादी बढ़ने और ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त नहीं होने के कारण लोगों को पांच साल से जलभराव से जूझना पड़ रहा है। वहीं सीओडी नाला का निर्माण करीब 40 साल पहले हुए था। क्षेत्र में आबादी बढ़ने और दूषित पानी की निकासी बढ़ने के कारण नाला चोक हो गया है। कच्चा होने के कारण कई जगह बैठ गया है इसके कारण निकासी प्रभावित है।

इन दोनों नालों का निर्माण के लिए शासन ने स्वीकृति देने के साथ ही धन भी जारी कर दिया है। दोनों नालों का निर्माण 320 करोड़ रुपये में होना है इसके लिए 112 करोड़ रुपये जारी हो गए है। जल निगम की निर्माण इकाई कंसल्टेंट्स एंड डवलपर्स सर्विसेज (सीएंडडीएस) को जिम्मेदार दी गई है। कानपुर की कंनपी इन विराट प्रोजेक्ट लिमिटेड को टेंडर मिला है। कंपनी ने सर्वे का कार्य शुरू कर दियाहै दो साल में निर्माण करना है।

सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक सर्वेश कुमार वर्मा ने बताया कि दोनों नालों के लिए कंपनी फाइनल हो गई है। 10 मीटर चौड़ा और साढ़े तीन मीटर गहरा नाला होगा। दीपावली के बाद निर्माण शुरू कराया जाएगा।

सीओडी नाले बनने से जुड़े मोहल्लों को होगा लाभ
बाबूपुरवा, बेगमपुरवा, किदवईनगर, राखीमंडी, मुंशीपुरवा, हलवाखाड़ा, नौबस्ता, पशुपति नगर, यशोदानगर, हंसपुरम, हंसपुरम आवास-विकास, बिनगवां, कांदीपुर, ट्रांसपोर्ट नगर, अजीतगंज, उस्मानपुर, बसंत विहार, नौबस्ता, कृष्णानगर, गांधीग्राम, दहेली सुजानपुर, चंदारी समेत 40 आदि मोहल्लों को लाभ मिलेगा।

मकड़ीखेड़ा नाला बनने से जुड़े मोहल्लों को होगा लाभ
मकड़ीखेड़ा नाला कल्याणपुर बिठूर रोड, आजाद नगर पुलिया होते हुए गंगा बैराज के पास परमियापुरवा नाला में मिलता है। मकड़ीखेड़ा, मुखर्जी बिहार, गीतानगर, शारदा नगर, विकास नगर, लखनपुर, ख्योरा, अकबरपुर कछार, गंगपुर, पत्रकारपुरम, सूर्य विहार, मैनावती, आजाद नगर समेत 36 मोहल्लों का दूषित पानी नाले में आता है। नाला कच्चा और कई जगह नहीं होने से बरसात में कई इलाके टापू बन जाते हैं।

जनता बोली
बरसात होने पर डर सताने लगता है। पिछले पांच साल से जलभराव से जूझ रहे है। अभी भी पानी भरा हुआ है। निकलने के लिए जूझना पड़ता है।
पूजा कटियार, गृहणी मकड़ीखेड़ा

आबादी बढ़ने के साथ सीओडी नाला संकरा हो गया है। नाले को चौड़ा किया जाए। बरसात में ओवर फ्लो होने पर पानी भर जाता है।
मनोज गुप्ता, व्यापारी, यशोदानगर