कानपुर, जागरण संवाददाता। Kanpur Violence नई सड़क उपद्रव मामले में फंडिंग के आरोपित हाजी वसी की चार संपत्तियां सील ही रहेंगी। इन संपत्तियों पर मंडलायुक्त द्वारा अपील खारिज करने के बाद अब इनके ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया है। ध्वस्तीकरण को लेकर केडीए सुनवाई कर रहा है।

नई सड़क पर तीन जून को उपद्रव हुआ था। चंद्रेश्वर हाता कब्जाने के लिए रची गई साजिश के तहत यह उपद्रव हुआ था जिसमें मुख्तार बाबा, हाजी वसी उसका बेटा और मैनेजर समेत कई लोगों पर पुलिस कार्रवाई कर चुकी है।

हाजी वसी बिल्डर है और शहर में कई साइट पर अवैध निर्माण करवा रहा था लिहाजा केडीए ने उसकी अवैध बिल्डिंगों पर चल रहे निर्माण कार्य को रोकने के निर्देश दिए थे लेकिन, हाजी वसी नहीं माना और निर्माण जारी रखा।

नई सड़क उपद्रव मामले में बिल्डर हाजी पर पुलिस ने कार्रवाई की तो केडीए ने भी ताबड़तोड़ अवैध इमारतों को सील कर दिया। साथ ही इन संपत्तियों के ध्वस्तीकरण के आदेश भी जारी कर दिए। इसमें प्रेमनगर, बासमंडी, अनवरगंज और चमनगंज स्थित संपत्तियां शामिल थीं।

केडीए की इस कार्रवाई के खिलाफ बिल्डर हाजी वसी ने मंडलायुक्त के न्यायालय में अपील की थी। इन चारों संपत्तियों पर अपील के दौरान हाजी वसी की ओर से तर्क दिया गया था कि संपत्तियां काफी पुरानी थी लिहाज वह मरम्मत कार्य करवा रहा था।

केडीए ने बिना नोटिस दिए संपत्तियों को सील कर दिया जो अवैधानिक है। इस पर केडीए की ओर से भेजे गए नोटिस का साक्ष्य प्रस्तुत किया गया। जिसके बाद मंडलायुक्त ने नोटिस न भेजने का तथ्य झूठा पाया। केडीए द्वारा दाखिल फोटोग्राफ्स से साफ था कि वहां निर्माण कार्य चल रहा था।

केडीए द्वारा प्रस्तुत उक्त साक्ष्यों के आधार पर मंडलायुक्त ने अपील के सभी आधार खारिज करते हुए अपील निरस्त कर दी। मंडलायुक्त के यहां से अपील खारिज होने के बाद अब हाजी वसी की संपत्तियों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।

कोर्ट में केडीए अधिकारियों ने सील की कार्रवाई पर अपील की थी। साक्ष्यों के आधार पर अपील स्वीकार करने का कोई ठोस आधार न मिलने पर उसे निरस्त कर दिया गया।- डा. राज शेखर, मंडलायुक्त 

Edited By: Nitesh Mishra

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