कानपुर, जागरण संवाददाता। किराया मांगने पर ई-बस परिचालक और चालक को पीटना यातायात विभाग के हेड कांस्टेबल उमेश बाबू को काफी महंगा पड़ गया। वीडियो वायरल होने के बाद मामला शासन तक पहुंच गया। शासन से इशारा मिलते ही मंगलवार को प्रभारी डीसीपी यातायात बीबीजीटीएस मूर्ति ने आरोपित हेड कांस्टेबल को बर्खास्त कर दिया।

यह हुई थी घटना: बिठूर से जाजमऊ जा रही ई-बस संख्या यूपी-78 जीटी-4474 में परिचालक अनिल वर्मा ने कल्याणपुर से बस में सवार हेडकांस्टेबल उमेश बाबू से टिकट के 15 रुपये मांगे तो जवाब मिला कि मैं यातायात पुलिस में हूं और टिकट नहीं लेता। इस पर अनिल ने ई-बस प्रबंधन से लिखवाकर देने को कहा। इससे गुस्साए उमेश ने परिचालक को पीट दिया। यह देखकर चालक ने बस रोक दी और नीचे उतरकर वीडियो बनाने लगा। इस पर उमेश ने लात मारकर मोबाइल गिरा दिया।

वीडियो वायरल होते ही हुआ निलंबन: सिपाही द्वारा चालक को लात मारने का वीडियो घटना के कुछ देर बाद ही वायरल हो गया। यह वीडियो पूरे देश में देखा गया और पुलिस की छवि को गहरा धक्का लगा। इंटरनेट मीडिया पर लोगों ने पुलिस के प्रति जमकर आक्रोश प्रदर्शित किया। इसके बाद सिपाही को फौरन निलंबित कर दिया गया था।

अब बर्खास्तगी कर दिया बड़ा संदेश : वायरल वीडियो शासन में बैठे लोगों तक भी पहुंचा, जिसके बाद यह माना गया कि इससे पुलिस की छवि खराब हुई है। ऐसे में कड़ा संदेश देने की जरूरत है। पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीना ने अधिकारियों से जांच के बाद सख्त कदम लेने को कहा। संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि हेड कांस्टेबल उमेश बाबू ने जो किया वह घोर अनुशासनहीनता है। इसी वजह से उमेश बाबू को बर्खास्त करने का फैसला लिया गया है। यह फैसला अन्य पुलिसकर्मियों के लिए भी नजीर है, ताकि वह अपने व्यवहार और आचरण को लेकर सतर्क रहें।

Edited By: Abhishek Agnihotri