कानपुर, जागरण संवाददाता: महिला का प्लाट कब्जाने, आगजनी के मामले में जेल भेजे गए सपा विधायक इरफान सोलंकी के खिलाफ अन्य शिकायतों को लेकर एसआइटी की जांच शुरू हो गई है। एसआइटी ने शुरुआती जांच के बाद पुलिस तक आईं 13 शिकायतों में से चार को गंभीर माना है। इन शिकायतकर्ताओं ने अपने पक्ष में पुख्ता साक्ष्य पुलिस को दिए हैं। पुलिस पहले इन्हीं चारों शिकायतों की पड़ताल करेगी। अगर आरोपों में सच्चाई मिली तो इन प्रकरणों में भी मुकदमा दर्ज होंगे।

जाजमऊ थाने में दर्ज मुकदमे के बाद सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी ने शुक्रवार को पुलिस आयुक्त के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था। शनिवार को संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने एसआइटी के साथ बैठक की। सभी 13 शिकायती पत्रों के आरोपों को बारी-बारी से पढ़ा गया। इसके बाद शिकायतकर्ताओं से भी बात की गई।

एसआइटी सूत्रों के मुताबिक शुरुआती जांच के बाद एसआइटी ने 13 में से चार शिकायतों को गंभीर मानते हुए उनमें पहले जांच करने का फैसला किया है। यह शिकायतें धोखाधड़ी करके पैसा लेना और लौटाने के लिए दबाव बनाने पर पद का दुरुपयोग करते हुए धमकाना, जमीन की खरीद फरोख्त में धोखाधड़ी करके पैसे ऐंठना और रंगदारी मांगने के आरोप हैं। हालांकि शिकायतकर्ताओं की पहचान पुलिस पूरी तरह से गुप्त रखे हुए है।

पूरे दिन चली बैठक, एक-एक साक्ष्य जुटाए जा रहे

इरफान प्रकरण पर रविवार को पूरे दिन एसआइटी के साथ वरिष्ठ अफसर एक-एक साक्ष्य पर चर्चा करते रहे। गौरतलब है कि 9 दिसंबर को जमानत अर्जी पर सुनवाई से पहले पुलिस उन सभी सवालों का जवाब हासिल कर लेना चाहती है, जो कि रिमांड के दौरान अदालत में उठे थे। विशेषकर फर्जी आधार कार्ड प्रकरण में पुलिस के सामने साक्ष्य प्रस्तुत करने में खासी परेशानी आ रही है, क्योंकि फर्जी आधार कार्ड बरामद नहीं हो सका है। 13 शिकायतें मिली हैं, जिनमें चार गंभीर प्रकृति की लगी हैं। इनमें साक्ष्य भी दिए गए हैं। पहले इन्हीं मामलों की जांच की जाएगी। - आनंद प्रकाश तिवारी, संयुक्त पुलिस आयुक्त

Edited By: MOHAMMAD AQIB KHAN

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