कानपुर, [आलोक शर्मा]। उखड़ती सांसें, मौत और उजड़ते परिवारों में मासूमों की सिसकियों के बीच शासन ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में कानपुर प्रथम श्रेणी में पास बताया गया है। खास बात है कि कानपुर पास ही नहीं बल्कि 46 जिलों में मरीजों की संख्या के आधार पर टॉप फाइव में है। अफसरों की पीठ थपथपाने वाली इस रिपोर्ट से एक बात साफ है कि पिछले दिनों कानपुर में जो कुछ हुआ, वह महज संयोग था क्योंकि मरीजों की मदद से लेकर उन्हें जागरूक करने तक शासन और प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी थी।

संक्रमण प्रभावित 46 जिलों की तैयार हुई रिपोर्ट

कोविड संक्रमण पर जिलों में चिकित्सीय व्यवस्था, मरीजों के उपचार व मदद समेत अन्य बिंदुओं पर शासन समय समय पर अपने तरीके से मॉनीटरिंग करता है। प्रदेश के संक्रमण प्रभावित ऐसे ही 46 जिलों में यह मॉनीटरिंग हुई जो 1910 मरीजों को मिली मदद के आधार पर की गई। शासन की इस रिपोर्ट में कानपुर टॉप फाइव में है। रिपोर्ट के मुताबिक कानपुर में 79 फीसद लोगों तक एआरटी व स्वास्थ्य टीम पहुंची। 96 फीसद लोगों को प्रशासन ने मेडिकल किट उपलब्ध कराई। 80 फीसद लोगों को पल्स आक्सीमीटर दिए गए जबकि संक्रमण की गंभीरता को लेकर जागरूक रहने वालों का आंकड़ा 91 फीसद है। रिपोर्ट में सीएम के अपने क्षेत्र गोरखपुर का प्रदर्शन ज्यादा अच्छा नहीं है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस का प्रदर्शन फिलहाल गोरखपुर से ठीक है।

इन बिंदुओं पर हुई मॉनीटरिंग

-एआरटी और स्वास्थ्य टीम का प्रदर्शन

-मरीज को मेडिकल किट का वितरण

-संक्रमण की गंभीरता को लेकर जागरूकता

-मरीज को पल्स आक्सीमीटर की उपलब्धता

इनपर दिए गए जिलों को नंबर

जिला : एआरटी किट :  आक्सीमीटर : जागरुकता 

प्रयागराज -99 -99 -69 -100

लखनऊ -89 -98 -75 -98

कानपुर -79 -96 -80 -91

अलीगढ़ -89 -96 -71 -74

आगरा -85 -96 -79 -79

वाराणसी -63 -89 -41 -62

गोरखपुर -34 -79 -56 -83

(सभी आंकड़े फीसद में हैं)

  • -शासन की रिपोर्ट में कानपुर टॉप फाइव में है। यह रिपोर्ट एआरटी टीम की घर-घर पहुंच, मरीजों को मिली मेडिकल किट व पल्स आक्सीमीटर का वितरण समेत अन्य बिंदुओं पर यह आधारित है। ये इस बात का संकेत है कि प्रशासन बेहतर काम कर रहा है। -हिमांशु कुमार गुप्ता, सिटी मजिस्ट्रेट

Edited By: Abhishek Agnihotri