कानपुर, जागरण संवाददाता। फजलगंज के प्रेसीडेंट होटल में कब्जे के विवाद में गिरफ्तार हुए संचालक को पुलिस ने न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। होटल संचालक के पास रजिस्ट्री होने की चर्चा चल रही थी, लेकिन वह लीज एग्रीमेंट के सिवा कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। पुलिस का कहना है कि अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच करने के बाद गिरफ्तारियां की जाएंगी।

रतनलाल नगर निवासी अजय डंग और नीरज डंग ने कोपे इस्टेट चेयरमैन विजय कपूर और उनके भाई संजय कपूर के साथ साझेदारी में वर्ष 2002 में होटल खरीदा था। इसे रंजीत नगर निवासी चरनजीत सिंह उर्फ बंटी लीज पर चलाते थे। फरवरी 2022 में उनका अनुबंध समाप्त हो गया था। जिसके बाद मालिकों ने उनसे होटल खाली करने के लिए दो माह का समय दिया था। इसके बाद भी चरनजीत सिंह ने होटल खाली नहीं किया था। इसे लेकर 17 सितंबर को होटल में अजय और नीरज डंग के साथ बातचीत की जा रही थी।

अजय का आरोप था कि चरनजीत सिंह ने असलहों से लैस साथियों की मदद से नीरज के साथ मारपीट करके उनका सिर फाड़ दिया था। इतना ही नहीं हमलावरों ने उन लोगों को जानमाल की धमकी भी दी थी। जिसके बाद अजय ने होटल संचालक समेत 40 लोगों के खिलाफ लूटपाट, हत्या का प्रयास आदि धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। रात में पुलिस ने होटल संचालक को गिरफ्तार किया था।

चर्चा थी कि होटल संचालक ने अफवाह फैला रखी थी कि होटल की दिल्ली निवासी एक महिला मालकिन है। अब तक होटल की रजिस्ट्री नहीं हुई थी। उन्होंने बुधवार को ही महिला से होटल की रजिस्ट्री कराई थी। हालांकि छानबीन में कुछ नहीं निकला। संचालक सिर्फ अनुबंध पत्र ही दिखा सके। थाना प्रभारी फजलगंज देवेंद्र कुमार दुबे ने बताया कि गुरुवार को होटल संचालक को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेजा गया है। अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

उतर गई विधायक की शुभकामना संदेश की होर्डिंग

मारपीट की घटना के बाद होटल संचालक ने मालिकों पर दबाव बनाने के लिए होटल की छत और दीवारों पर विधायक महेश त्रिवेदी की शुभकामनाओं की दो होर्डिंग लगवाई दी थी। संचालक के जेल जाने के बाद होटल में लगी होर्डिंगों को हटा दिया गया है।

Edited By: Abhishek Agnihotri

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