कानपुर, जेएनएन। दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में रह रहे कई नाइजीरियन युवक साइबर ठगी और ड्रग्स तस्करी जैसे संगठित अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। उनके गिरोह में भारतीय पुरुष व महिलाएं भी शामिल हैं, जो उनके लिए ड्रग्स पैडलर, खातेदार और टेली कालर का इंतजाम कर रहे हैं। खास बात ये है कि कई महिलाओं ने तो नाइजीरियन से शादी भी कर ली है। अब तक पुलिस को ऐसी तीन महिलाओं को पता लगा है, जो अपने पतियों के साथ साइबर अपराध के बड़े मामलों में शामिल हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

अगस्त में एचडीएफसी बैंक के प्रबंधक को फर्जी ईमेल भेजकर स्वरूप नगर स्थित गणेशा ईकोटेक कंपनी के खाते से 2.45 करोड़ रुपये 13 विभिन्न फर्म व व्यक्तियों के खातों में जमा कराकर ठगी की गई थी। इस मामले में पुलिस अब तक एक नाइजीरियन राबर्ट समेत पांच व्यक्तियों को जेल भेज चुकी है। इसमें तीन खातेदार मुंबई के मो.अजमेरी, सादिक अली व बरेली निवासी रुकसाद और ठगी के लिए खाते जुटाने वाली नई दिल्ली के तिलकनगर निवासी महिला शहनाज भी शामिल है। क्राइम ब्रांच की जांच में पता लगा है कि शहनाज का पति जोटोया भी नाइजीरियन है। यही नहीं, शहनाज ने पुलिस को बताया था कि उसने दिल्ली में ही रहने वाली शीला नामक महिला के कहने पर कुछ बैंक खातों का इंतजाम किया था, जिसमें साइबर ठगी की रकम जमा की गई थी। शीला का पति निकोलस भी नाइजीरियन है।

पूर्व में नवाबगंज थानाक्षेत्र के पहलवानपुरवा की युवती से इंस्टाग्राम पर दोस्ती करके साइबर ठग ने महंगा गिफ्ट भेजने का झांसा दिया था। इसके बाद साइबर ठग की महिला मित्र ने कस्टम विभाग के नाम पर धमकाकर खाते में चार लाख रुपये जमा करा लिए थे। पुलिस ने इस मामले में भी नाइजीरियन गैंग के सदस्य ओकुवारिमा मोसिस व शिलांग निवासी उसकी महिला मित्र अलीशा उर्फ मैंडी को जेल भेजा था। अलीशा से पूछताछ में भी नई दिल्ली निवासी एक और भारतीय महिला का पता लगा था, वह भी गिरोह की सक्रिय सदस्य मानी जा रही है।

-गणेशा ईकोटेक व अन्य कंपनियों के खातों से करोड़ों रुपये निकालने वाले नाइजीरियन गिरोह में महिलाओं के भी शामिल होने के सुबूत मिले हैं। अहम बात ये है कि कुछ महिलाओं ने नाइजीरियन से शादी भी की है। एक महिला को जेल भेजा जा चुका है। अन्य की तलाश जारी है। जल्द एक टीम दिल्ली भेजी जाएगी। - बृजनारायन सिंह, एसीपी स्वरूप नगर

Edited By: Abhishek Agnihotri