कानपुर, जेएनएन। राजा ययाति के किले को खाली कराए जाने को लेकर कमिश्नरेट पुलिस ने पहल की है। पुलिस आयुक्त ने राज्य पुरातत्व विभाग को पत्र लिखकर कहा है कि किला ऐतिहासिक है, जिसे अतिक्रमण मुक्त कराना जरूरी है। इसलिए पुरातत्व विभाग तारीख व समय तय करे, अतिक्रमण हटाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा।

राजा ययाति का किला राज्य पुरातत्व विभाग द्वारा वर्ष 1968 से संरक्षित है। बावजूद इसके किले को नष्ट कर धीरे धीरे यहां एक बस्ती बसा दी गई। वर्ष 2017 में अधिवक्ता संदीप शुक्ला की शिकायत पर दर्ज मुकदमे के बाद यह मामला प्रकाश में आया था। जिला प्रशासन, पुलिस, राजस्व विभाग और एएसआइ सभी विभागों ने अलग-अलग जांचें की। हर जांच का यही निष्कर्ष निकला कि भूमाफिया की लिस्ट में शामिल और पिंटू सेंगर हत्याकांड के मुख्य आरोपित पप्पू स्मार्ट व उसके स्वजन ने किले पर अवैध कब्जा कर लिया है। बाद में उसने किले की जमीन दूसरे लोगों को बेच दी।

दैनिक जागरण ने राजा ययाति के किले में कब्जे को पिछले दिनों जोरशोर से उठाया था, जिसके बाद भारतीय पुरातत्व विभाग ने जिला प्रशासन व पुलिस को पत्र लिखकर किले में अतिक्रमण होने व उसे खाली कराए जाने का अनुरोध किया था। अब पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने राज्य पुरातत्व विभाग के निदेशक आनंद कुमार को लिखे पत्र में कहा है कि उनके पत्र के हिसाब से लग रहा है कि यह अमूल्य धरोहर है। इसे कब्जा मुक्त कराना जरूरी है। ऐसे में विभाग तारीख व समय तय करे। विभाग जो तिथि तय करेगा, उसमें उसे पुलिस बल उपलब्ध कराया जाएगा। पुलिस आयुक्त ने बताया कि वह इस मामले में जिला प्रशासन से भी बात करेंगे।

Edited By: Abhishek Agnihotri