कानपुर, जेएनएन। मुंबई और दिल्ली के बाद कानपुर में सक्रिय हुआ बच्चों से भीख मंगवाने वाले गिरोह के खिलाफ बहुत जल्द कमिश्नरेट पुलिस अभियान शुरू करने जा रही है। इस सराहनीय प्रयास की शुरुआत कर चुकी पुलिस ने भिखारी गिरोह से पांच बच्चों और दो किशोरियों को मुक्त कराया है। पुलिस आयुक्त ने थानेवार अभियान चलाकर ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने को कहा है, जो कि बच्चों से जबरन भीख मंगवाते हैं। पुलिस आयुक्त ने स्लोगन भी दिया है कि बच्चे जाएंगे स्कूल और ठेकेदारों को होगी जेल।

पुलिस आयुक्त असीम अरुण ने बताया कि थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने-अपने थाना क्षेत्रों में ऐसे बच्चों पर नजर रखें। कहा कि कमिश्नरेट पुलिस रेस्क्यू करके पकड़े गए बच्चों को स्कूल भेजने की योजना पर काम कर रही है। भीख मांगने वाले बच्चों के खिलाफ सख्ती का असर दिखाई देने लगा है। रविवार को शहर के प्रमुख चौराहों, रेल व बस स्टेशन व बाजारों से भीख मांगने वाले बच्चों की टोलियां नदारत रहीं।

भिक्षावृत्ति से मुक्त कराए पांच बच्चे व दो किशोरियां

भिक्षावृत्ति में फंसे बच्चोंं को मुक्त कराने की कमिश्नरेट पुलिस की मुहिम तेज हो गई है। शनिवार को पुलिस ने परेड चौराहे पर भीख मांगते पांच बच्चों व दो किशोरियों को मुक्त कराया। पुलिस ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस से इस मुहिम की शुरुआत की थी। पहले ही दिन पुलिस ने टाटमिल से चार बच्चों को भीख मांगते पकड़ा था। उन बच्चों ने कुछ लोगों के नाम बताए थे, जो चंद रुपये देकर भीख मंगवा रहे थे। शनिवार को कर्नलगंज एसीपी त्रिपुरारी पांडेय ने परेड व आसपास के चौराहों पर भीख मांगते पांच बच्चों और दो किशोरियों को पकड़ा था और थाने लाकर उन्हें खाने पीने का सामान दिया गया।

बच्चों ने कहा कि उनका परिवार भीख मांगता है। सूचना पाकर बच्चों के स्वजन भी थाने पहुंचे और बच्चों को छोडऩे की मांग करते हुए हंगामा व सड़क पर लेटकर प्रदर्शन करने लगे। थाना प्रभारी ने उन्हें चेतावनी देकर हटाया। शाम को बच्चों व किशोरियों को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया, जहां से बच्चों को नौबस्ता स्थित बाल संरक्षण गृह और किशोरियों को स्वरूप नगर स्थित बालिका संरक्षण गृह भेजा गया।

  • -सड़कों पर भीख मांगने वाले बच्चों को बाल श्रम से बचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। पांच बच्चों और दो किशोरियों को मुक्त कराया गया है। बच्चों को सरकारी संरक्षण गृहों में रखा जाएगा और पढ़ाई लिखाई का इंतजाम कराया जा रहा है। जो गिरोह व अभिभावक थोड़े से पैसे के लालच में बच्चों का भविष्य खराब कर रहे हैं, उन पर गैंगस्टर लगाया जाएगा। -असीम अरुण, पुलिस आयुक्त

Edited By: Abhishek Agnihotri